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पड़ोसियों की हालत देख भारतीय सेना ने अपनी तैयारी की

अरुणाचल प्रदेश में ऑपरेशन सदभावना जारी

  • तिब्बत के पास चीनी सेना सक्रिय

  • नेपाल की जमीन पर भी कब्जा किया

  • सुबनसिरी जिला में सेना की सक्रियता

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और पड़ोसी देशों की सीमाओं पर बढ़ती गतिविधियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील हो गई हैं। एक ओर चीन नेपाल सीमा पर अपनी सैन्य पकड़ मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मणिपुर में हिंसा और धमाकों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा ठोकने वाला चीन अब नेपाल सीमा के पास अपनी सैन्य और निगरानी गतिविधियों को तेज कर रहा है। तिब्बत के झोंगा काउंटी में स्थित कुनमुजिया आउटपोस्ट पर चीनी सेना ने अपनी ऑपरेशनल स्पीड बढ़ा दी है। 5,000 मीटर से अधिक की ऊँचाई पर स्थित यह क्षेत्र सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

चीन यहाँ सैनिकों की पैदल गश्त, हाई-मोबिलिटी गाड़ियों और उन्नत ड्रोनों के जरिए तीन-तरफा निगरानी प्रणाली का उपयोग कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने नेपाल के 15 में से 7 जिलों में लगभग 36 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा नियमों का खुला उल्लंघन है।

अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना की सद्भावना चीन की विस्तारवादी नीतियों के जवाब में भारतीय सेना अरुणाचल प्रदेश के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक-सैन्य संबंधों को मजबूत कर रही है। ऑपरेशन सद्भावना और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सेना ने सुबनसिरी जिले में स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया है। साथ ही, युवाओं को सशक्त बनाने के लिए इको-टूरिज्म टूर का आयोजन किया जा रहा है, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि राष्ट्रीय एकता की भावना भी सुदृढ़ होगी।

इसी बीच, उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मणिपुर की एक महिला ने आपसी विवाद के बाद अपने दक्षिण कोरियाई बॉयफ्रेंड की चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक एक मोबाइल कंपनी में मैनेजर था। ये घटनाएं दिखाती हैं कि सीमावर्ती सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सामाजिक स्थिरता भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।