Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रूह कंपा देने वाला हादसा! आंध्र प्रदेश में बस और ट्रक की जोरदार टक्कर, आग की लपटों में घिरकर 10 लोग ... पश्चिम बंगाल में बड़ा बदलाव! वोटर लिस्ट से एक साथ कटे 13 लाख नाम, जानें SIR के बाद अब क्या चल रहा है IPL 2026: तो ये खिलाड़ी करेगा CSK के लिए ओपनिंग! कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने खुद खोल दिया सबसे बड़ा रा... Operation Sindoor Film: बड़े पर्दे पर 'ऑपरेशन सिंदूर' की रियल स्टोरी दिखाएंगे विवेक अग्निहोत्री, नई ... Dividend Stock 2026: शेयर बाजार के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! इस कंपनी ने किया 86 रुपये प्रति शेयर डिव... Jewar Airport ILS System: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैसे काम करेगा ILS? पायलटों को मिलेगी ये बड़ी ... Chaitra Navratri Ashtami Bhog: अष्टमी पर मां महागौरी को लगाएं इस खास चीज का भोग, पूरी होगी हर मनोकाम... Baby Massage Oil: शिशु की मालिश के लिए बेस्ट 'लाल तेल' में कौन-कौन सी जड़ी-बूटियां होती हैं? जानें फ... Petrol Diesel Rumor: तेल-गैस की अफवाहों पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया से 1 घंटे में हटेगा आपत्तिजनक पोस... UP Petrol Diesel News: गोरखपुर-प्रयागराज में पेट्रोल खत्म होने की उड़ी अफवाह, पंपों पर उमड़ी भारी भी...

वेनेजुएला की घटना के बाद दूसरे तरीके से भारत को धमकाया

मोदी मुझे खुश करना चाहते हैं: डोनाल्ड ट्रम्प

  • रूसी तेल खरीदने पर नाराजगी

  • अभी और अधिक टैरिफ लगायेंगे

  • विदेश मंत्रालय की इस पर टिप्पणी नहीं

वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति के गलियारों में एक नया विवाद छेड़ते हुए दावा किया है कि भारत ने पिछले कुछ महीनों में रूस से होने वाले अपने कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती की है। रविवार, 4 जनवरी 2026 को एयर फ़ोर्स वन विमान पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए ट्रम्प ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का यह कदम विशेष रूप से उन्हें खुश करने और भारत-अमेरिका के बीच लंबित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की एक सोची-समझी कोशिश है। हालांकि, ट्रम्प का लहजा केवल प्रशंसा तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने कड़ी चेतावनी भी जारी की कि यदि भारत ने रूस से अपनी तेल खरीद जारी रखी, तो अमेरिका उन पर अतिरिक्त टैरिफ बहुत जल्द लगा सकता है।

ट्रम्प के इन दावों को मजबूती देते हुए अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया। ग्राहम के अनुसार, दिसंबर 2025 में वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में एक बैठक के दौरान भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने इस बात का उल्लेख किया था कि भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है।

इसी संदर्भ में भारत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 फीसद के अतिरिक्त टैरिफ को हटाने या उसमें राहत देने का अनुरोध किया था। यह बातचीत उस समय और भी संवेदनशील हो जाती है जब अमेरिकी सीनेट में रूस प्रतिबंध विधेयक पर चर्चा चल रही है। यह कठोर विधेयक उन देशों पर 500% तक का दंडात्मक शुल्क लगाने का प्रस्ताव करता है जो रूस से तेल या यूरेनियम खरीदना जारी रखते हैं।

दूसरी ओर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने वर्तमान में इन दावों पर चुप्पी साधे रखी है, लेकिन भारत का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है। पूर्व में नई दिल्ली ने अमेरिकी प्रतिबंधों की नीति को दोहरा मापदंड करार दिया है, क्योंकि अमेरिका खुद अपनी जरूरतों के लिए रूस से यूरेनियम और कई महत्वपूर्ण खनिजों का आयात करना जारी रखे हुए है।

दिलचस्प बात यह है कि आंकड़ों के अनुसार, जून से अक्टूबर 2025 के बीच भारत ने रूसी तेल आयात में कमी जरूर की थी, लेकिन नवंबर के आते-आते यह फिर से सात महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के संकेत बताते हैं कि तेल कटौती के बावजूद अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में कोई ठोस प्रगति न होने से दिल्ली में एक प्रकार की हताशा और असंतोष का माहौल है। ट्रम्प का यह दबाव तंत्र आने वाले समय में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।