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ग्रेटर नोएडा पुलिस बनी ‘कठपुतली’! नशे में धुत युवक ने महीने भर में 143 बार दौड़ाया, अब पहुंचा हवालात

ग्रेटर नोएडा की दनकौर कोतवाली में डायल 112 के दुरुपयोग का एक अजब गजब मामला सामने आया है, यहां एक व्यक्ति द्वारा महज एक महीने के अंदर 143 बार फर्जी कॉल कर पुलिस को गुमराह करने का खुलासा हुआ है. लगातार झूठी सूचनाओं के कारण पुलिस का समय और संसाधन बर्बाद होने पर अब आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मार्च महीने में डायल-112 पर बार-बार कॉल कर पुलिस सहायता मांगी.

हर बार वह अलग-अलग आपात स्थितियों की सूचना देता रहा. इनमें घर के बाहर दबंगों की तरफ से बुग्गी खड़ी करने, पत्नी से विवाद और मां के लापता होने जैसी गंभीर सूचनाएं शामिल थीं. डायल-112 सेवा की प्रक्रिया के तहत हर कॉल को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंचती रही, लेकिन जांच में हर बार यह सामने आया कि मौके पर कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं थी और न तो कोई विवाद मिला. साथ ही न ही किसी तरह का खतरा.

झूठी सूचनाएं दे रहा था व्यक्ति

लगातार फर्जी कॉल के चलते पुलिस के वाहन, कर्मी और समय अनावश्यक रूप से खर्च होता रहा. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन झूठी सूचनाओं की वजह से कई बार वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंचाने में भी दिक्कत आई. बार-बार कॉल करने से पुलिस को मौके पर पहुंचने के लिए तंग गलियों में दौड़ना-रात और दौड़ना पड़ा. मामले की गंभीरता को देखते हुए 112 सेवा के जिला प्रभारी सत्यवीर सिंह ने कॉल रिकॉर्ड और शिकायतों की जांच कराई.

पुलिस ने दर्ज की FIR

जांच में साफ हुआ कि आरोपी जानबूझकर बार-बार झूठी सूचनाएं देकर डायल-112 का दुरुपयोग कर रहा था. पुलिस का कहना है कि आरोपी कई बार शराब के नशे में डायल-112 पर कॉल करता था. कॉल के दौरान दी गई सूचनाएं न सिर्फ झूठी थीं बल्कि आपात सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रही थीं. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है.

पुलिस का कहना है कि डायल-112 जैसी आपात सेवा का दुरुपयोग एक गंभीर अपराध है और इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि डायल-112 का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें. फर्जी कॉल न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे किसी जरूरतमंद की जान भी खतरे में पड़ सकती है. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.