बेंगलुरु के जे आर नगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का जगजीवन राम (जेआर) नगर इलाका रविवार की रात सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की चपेट में आ गया। घटना उस समय शुरू हुई जब स्थानीय ओम शक्ति मंदिर से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक धार्मिक शोभा यात्रा निकाली जा रही थी।
चश्मदीदों और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जब श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ देवी की पालकी (रथ) को खींचते हुए आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक कुछ उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों ने जुलूस को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। पत्थरों की इस बौछार से जुलूस में भगदड़ मच गई और देखते ही देखते शांतिपूर्ण माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस हिंसक घटना के परिणामस्वरूप कई लोग चोटिल हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्थर लगने से एक मासूम बच्चे के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि एक युवती भी इस हमले में घायल हुई है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया। जैसे ही इस हमले की खबर फैली, श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित भीड़ बड़ी संख्या में जेआर नगर पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्र हो गई और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का गंभीर आरोप था कि इस विशेष क्षेत्र में ऐसी सांप्रदायिक घटनाएं पहले भी घटित हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण उपद्रवियों के हौसले बुलंद हैं।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े थे कि जब तक मामले में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती, वे वहां से नहीं हटेंगे। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई का आश्वासन दिया। पश्चिम संभाग के पुलिस उपायुक्त यतीश एनबी ने स्वयं थाने का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मीडिया को बताया कि क्षेत्र में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों की सटीक पहचान की जा सके।
वर्तमान में, जेआर नगर और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और आरक्षित बटालियनों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया है ताकि नागरिकों के बीच सुरक्षा का भाव पैदा हो सके। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।