वेनेजुएला में भीषण विस्फोट होने की पुष्टि हो गयी थी
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उसकी पत्नी भी उसके साथ गिरफ्तार
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वेनेजुएला ने जीवित होने का प्रमाण मांगा
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अमेरिकी डेल्टा फोर्स की टीम वहां गयी थी
वाशिंगटनः अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक अभूतपूर्व और चौंकाने वाले घटनाक्रम के तहत, डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को एक बड़े पैमाने पर किए गए हमले के दौरान पकड़ लिया है। ट्रम्प के अनुसार, इस गुप्त सैन्य ऑपरेशन के बाद मादुरो को वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है। इस सनसनीखेज दावे ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है, जबकि वेनेजुएला सरकार ने इसे सैन्य आक्रामकता करार देते हुए अपने राष्ट्रपति के जीवित होने के तत्काल प्रमाण की मांग की है।
अमेरिकी सीनेटर माइक ली ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई बातचीत के आधार पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। ली के अनुसार, अमेरिकी हमले उन बलों की सुरक्षा और बचाव के लिए किए गए थे जो मादुरो के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को तामील कर रहे थे। रुबियो ने यह भी संकेत दिया है कि मादुरो के अमेरिकी हिरासत में आने के बाद अब वेनेजुएला में आगे की सैन्य कार्रवाई की आवश्यकता नहीं रह गई है। हालांकि, अमेरिका के भीतर इस कार्रवाई की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं, क्योंकि इसके लिए युद्ध की औपचारिक घोषणा या सैन्य बल के उपयोग का कोई पूर्व स्पष्ट वैधानिक आधार मौजूद नहीं था।
इस ऑपरेशन की सैन्य विशेषज्ञता की तुलना 1989 में पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा की गिरफ्तारी से की जा रही है। उस समय भी नोरिएगा पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप थे और उन्हें भी अमेरिकी विशेष बलों ने पकड़ा था। लेकिन मादुरो का मामला नोरिएगा से कहीं अधिक जटिल और साहसिक माना जा रहा है।
नोरिएगा को पकड़ने के लिए अमेरिका को एक संक्षिप्त युद्ध लड़ना पड़ा था और पनामा की सेना को परास्त करना पड़ा था, जबकि मादुरो को पकड़ने के लिए कथित तौर पर डेल्टा फोर्स को सीधे राजधानी काराकस के हृदय में उतारा गया और बिना किसी पारंपरिक जमीनी युद्ध के उन्हें वहां से निकाल लिया गया।
फिलहाल मादुरो के ठिकाने और भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। जानकारों का मानना है कि उन्हें जल्द ही अमेरिका की किसी सुरक्षित जेल में स्थानांतरित कर उन पर नशीली दवाओं की तस्करी और अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। वेनेजुएला में इस घटना के बाद आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है और वहां की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस अपहरण के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। आने वाले दिन न केवल वेनेजुएला के भविष्य के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और संप्रभुता के सिद्धांतों के लिए भी निर्णायक साबित होंगे।