Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
घुटना रिप्लेसमेंट की विकल्प तकनीक विकसित Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... देश की नौकरशाही पर लगाम कसने की नई चाल Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... शंकराचार्य मुद्दे पर योगी और केशव मौर्य की तल्खी Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7...

विज के श्रम विभाग में उजागर अनियमितताओं पर CM सैनी का सख्त एक्शन, जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित

चंडीगढ़ : हरियाणा के श्रम विभाग में कार्य पर्चियों के सत्यापन और श्रमिकों के पंजीकरण से जुड़ी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार इस मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है जो एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी गई थी परंतु मुख्यमंत्री कार्यालय में ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ था। हालांकि, विभाग द्वारा इस विषय पर एक फाइल प्रस्तुत की गई थी जिसमें मुख्यमंत्री को सूचित किया गया कि विभाग ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है और 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार है लेकिन शेष 9 जिलों की रिपोर्ट लंबित हैं। इसलिए विभाग ने सूचित किया कि शेष जिलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और अगले ही दिन फाइल वापस भेज दी तथा श्रम मंत्री से सभी जिलों की पूर्ण रिपोर्ट, वित्तीय हानि के सही आंकड़ों प्रस्तुत करने को कहा।

हालांकि रिपोर्ट अभी तक लंबित है। यह मुद्दा निर्माण श्रमिकों और श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें मिलने वाले लाभों से संबंधित है। आरोप लगाया गया है कि जिन कार्यों पर उन्होंने श्रम किया था वे सही नहीं हैं। इसलिए उनका भवन निर्माण श्रमिक के रूप में दर्ज होना संदिग्ध प्रतीत होता है। आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने पंकज अग्रवाल, आई.ए.एस. की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है जिसमें राजीव रतन, आई.ए.एस. और पंकज नैन, आई.पी.एस. सदस्य हैं। यह समिति पूरे मामले की जांच कर एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।