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20 साल बाद हरियाणा के 347 ड्राइवरों को मिला इंसाफ…सरकार ने आखिर लिया ये बड़ा फैसला

हरियाणा कैबिनेट ने नए साल पर राज्य परिवहन विभाग के सैकड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को यहां हुई मंत्रिमंडल बैठक में वर्ष 2002 में कांट्रेक्ट पर नियुक्त 347 ड्राइवरों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और अन्य सेवा लाभ देने की मंजूरी दी गई है।

इस फैसले से लंबे समय से चली आ रही वह विसंगति खत्म होगी, जिसमें सीनियर ड्राइवरों को जूनियर कर्मचारियों से कम वेतन और पेंशन मिल रही थी। ये ड्राइवर वर्ष 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त हुए थे और 2006 में रेगुलर कर दिए गए थे। जनवरी 2014 में सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुए समझौते में पहली जनवरी, 2003 या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को ही लाभ मिला, जिससे 2002 में भर्ती हुए ड्राइवर इससे बाहर रह गए।

नतीजा यह हुआ कि बाद में भर्ती हुए जूनियर ड्राइवरों को अधिक वेतन और पेंशन लाभ मिलने लगे, जबकि सीनियर कर्मचारी नुकसान में रहे। कैबिनेट के इस फैसले के बाद 2002 में नियुक्त ड्राइवरों को उनकी पहली नियुक्ति की तारीख से रेगुलर माना जाएगा। सेवा अवधि की गणना शुरूआती नियुक्ति से होगी। एसीपी (वेतन वृद्धि) का लाभ मिलेगा। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू होगी। पारिवारिक पेंशन योजना, 1964 का लाभ मिलेगा। जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) खाते खोले जाएंगे।

कैबिनेट निर्णय के अनुसार, सभी लाभ 31 अगस्त, 2024 तक सैद्धांतिक रूप से दिए जाएंगे। वास्तविक वित्तीय लाभ पहली सितंबर, 2024 से या सरकार द्वारा तय किसी अन्य कट-ऑफ तारीख से मिलेंगे। यह फैसला कर्मचारियों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इससे ना केवल 20 साल पुराना अन्याय खत्म होगा बल्कि समान पद पर काम कर रहे कर्मचारियों के बीच बराबरी और न्याय भी सुनिश्चित होगा। इससे सैकड़ों परिवारों की पेंशन सुरक्षा मजबूत होगी।