Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की तैयारी ममता का अल्टिमेटम: "अगर हमारे अधिकार छीने तो हम भी चैन से बैठने नहीं देंगे", ED की रेड को बताया रणनी... धामी सरकार का बड़ा फैसला! अंकिता हत्याकांड की गुत्थी अब सुलझाएगी CBI, 'VIP' के नाम से उठेगा पर्दा MP पुलिस की 'खाकी' पर खून के दाग! 5 लाख की वसूली और टॉर्चर से तंग आकर युवक ने दी जान, सुसाइड नोट में... के. लक्ष्मण संभालेंगे मोर्चा! ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कटने से बढ़ी टेंशन, बीजेपी ने बनाया 'इलेक्श... दहशत में वैशाली! बीजेपी नेता के भाई की संदिग्ध मौत, कमरे का नजारा देख कांप उठी रूह; हत्या या आत्महत्... LAC और LOC पर 'अदृश्य' पहरा: सेना के बेड़े में शामिल हुआ सोलर ड्रोन, हफ्तों तक आसमान से करेगा दुश्मन... रेत माफिया पर ED का 'सर्जिकल स्ट्राइक': कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता ... ED की रेड में पुलिस का 'एक्शन': जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया- बंगाल में कानून का नहीं, 'दबाव' का चल... केजरीवाल ने जनता को ठगा!" मंत्री आशीष सूद का विस्फोटक दावा, बताया किन 3 वादों पर बोले गए सबसे बड़े झ...

समुद्र के नीचे बिछे केबल को क्षति पहुंचाने का आरोप

फिनलैंड ने जहाज और दल को हिरासत में लिया

हेलसिंकी: उत्तरी यूरोप के बाल्टिक सागर क्षेत्र में सामरिक और सुरक्षा चिंताएं उस समय गहरा गईं, जब फिनलैंड के अधिकारियों ने बुधवार को एक बड़े ऑपरेशन के तहत एक अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाज और उसके पूरे चालक दल को हिरासत में ले लिया। यह कड़ी कार्रवाई फिनलैंड और एस्टोनिया को जोड़ने वाले एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंडर सी टेलीकम्युनिकेशन केबल (समुद्र के भीतर संचार केबल) के क्षतिग्रस्त होने के बाद की गई है। इस घटना ने पूरे नॉर्डिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि यह केबल दोनों देशों के बीच डिजिटल संचार की जीवनरेखा मानी जाती है।

फिनलैंड पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, संदिग्ध जहाज की पहचान फिटबर्ग के रूप में हुई है, जिस पर सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस का झंडा लगा है। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जहाज का भारी-भरकम लंगर फिनलैंड के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में समुद्र के भीतर गिरा हुआ पाया गया, जबकि जिस स्थान पर केबल को वास्तविक क्षति पहुँची है, वह एस्टोनिया के जलक्षेत्र में स्थित है। यह विसंगति जांचकर्ताओं के लिए सोची-समझी तोड़फोड़ की ओर इशारा कर रही है।

फिनिश नेशनल पुलिस कमिश्नर इल्का कोस्किमाकी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ये सदस्य रूस, जॉर्जिया, कजाकिस्तान और अजरबैजान के नागरिक हैं। समुद्री ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, फिटबर्ग ने हाल ही में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग बंदरगाह से अपनी यात्रा शुरू की थी और वह इजराइल के हाइफा बंदरगाह की ओर अग्रसर था।

हाल के वर्षों में बाल्टिक सागर में अंडरसी बुनियादी ढांचे पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसे विशेषज्ञ रूस के ‘हाइब्रिड युद्ध’ का हिस्सा मानते हैं। इसी खतरे को देखते हुए नाटो ने हाल ही में विशेष सुरक्षा परियोजनाएं शुरू की हैं। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो ने इस घटना को एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती करार दिया है। वर्तमान में, फिनिश विशेष बल और कोस्ट गार्ड मामले की जांच गंभीर आपराधिक क्षति और दूरसंचार प्रणालियों में जानबूझकर हस्तक्षेप के कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कर रहे हैं।