Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... कई तटीय शहर समुद्र के बढ़ने से भी तेजी से डूब रहे दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला... मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संश... यह 79 फीट लंबा समुद्र का दैत्य हुआ करता था, देखें वीडियो दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, कहा— "First in My Bloodline" हर बेटी के सशक्ति... दिल्ली और झारखंड में छात्रों पर बल प्रयोग पर भड़के राहुल गांधी, राम मंदिर में कथित चोरी पर भी पीएम म...

सऊदी अरब में रेगिस्तान को हरा बनाने की नई योजना

दस अरब पेड़ से हरियाली लाने की कोशिश

रियाध: सऊदी अरब की भौगोलिक स्थिति को देखें तो इसका लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा आज रेतीले रेगिस्तान की चपेट में है। हालांकि, पुरातात्विक साक्ष्य और इतिहास इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्राचीन काल में यह क्षेत्र नदियों और घने जंगलों से युक्त एक हरित अरब हुआ करता था।

इसी गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेते हुए, सऊदी अरब ने अपने भविष्य को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव की नींव रखी है। वर्ष 2021 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान द्वारा शुरू की गई इस पहल का पैमाना वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व है। इस परियोजना के मुख्य स्तंभ निम्नलिखित हैं। आगामी दशकों में पूरे देश में 10 अरब पेड़ लगाने का लक्ष्य। लगभग 7.48 करोड़ हेक्टेयर बंजर भूमि को पुनर्जीवित कर उसे खेती या वन क्षेत्र के योग्य बनाना। ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ावा देकर पर्यावरण को शुद्ध करना।

सऊदी अरब के पास दुनिया का सबसे बड़ा निरंतर रेत का रेगिस्तान, रब अल खाली स्थित है। इतनी विषम परिस्थितियों और पानी की भीषण कमी के बीच वृक्षारोपण करना एक तकनीकी और लॉजिस्टिक चुनौती है। इसके बावजूद, सऊदी अरब इस परियोजना के माध्यम से वैश्विक हरियाली लक्ष्य का 1 प्रतिशत और पूरे मध्य पूर्व के (50 अरब पेड़ लगाने के) लक्ष्य का 20 प्रतिशत हिस्सा अकेले पूरा करने का संकल्प ले चुका है।

इस पहल का उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं है। यह परियोजना आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों, क्लाउड सीडिंग और उपचारित अपशिष्ट जल के उपयोग के माध्यम से एक आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर केंद्रित है। इसका दीर्घकालिक उद्देश्य भूमि बहाली के जरिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और बढ़ते तापमान को नियंत्रित करना है।