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थाईलैंड ने 18 कंबोडियाई सैनिकों को रिहा किया

तीसरी बार युद्धविराम लागू होने के बाद नई कार्रवाई

नोम पेन्ह: थाईलैंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए 18 कंबोडियाई युद्धबंदियों को रिहा कर दिया है। यह रिहाई दोनों देशों के बीच हफ्तों से चल रहे भीषण और घातक सीमा संघर्ष को रोकने के लिए हुए युद्धविराम समझौते के ठीक तीन दिन बाद हुई है। कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि ये सैनिक 155 दिनों तक थाईलैंड की हिरासत में रहने के बाद बुधवार को सुरक्षित अपने देश लौट आए हैं।

थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने इस रिहाई को महज एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि दोनों राष्ट्रों के बीच ‘सद्भावना और विश्वास बहाली’ का एक बड़ा प्रदर्शन करार दिया है। इस पूरी जटिल प्रक्रिया का समन्वय और सफल क्रियान्वयन रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति द्वारा किया गया, जिसने निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

बीता दिसंबर दोनों देशों के लिए अत्यंत विनाशकारी रहा था। 20 दिनों तक चले इस खूनी संघर्ष में, कम से कम 101 लोगों की जान चली गई। पांच लाख से अधिक नागरिक अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए और विस्थापित हुए। अब दोनों देश अपनी 800 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा पर सैन्य गतिविधियों को पूरी तरह रोकने पर सहमत हुए हैं। समझौते के तहत सबसे महत्वपूर्ण कार्य सीमावर्ती इलाकों से बारूदी सुरंगों को हटाना है, ताकि विस्थापित हुए नागरिक सुरक्षित अपने घरों को लौट सकें।

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा का यह विवाद कोई नया नहीं है। इसकी जड़ें 1900 के दशक की शुरुआत (विशेषकर 1904-1907 के फ्रांसीसी औपनिवेशिक मानचित्रों) से जुड़ी हैं। सदियों पुराने मंदिरों और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण पहाड़ी क्षेत्रों पर अधिकार को लेकर दोनों देशों के बीच समय-समय पर हिंसक टकराव होते रहे हैं। हालांकि, वर्तमान युद्धविराम ने एक लंबे समय बाद स्थायी शांति की उम्मीद जगाई है।