Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Board Result Scam: 12वीं की छात्रा को मिले थे मात्र 3 अंक, रिचेकिंग में बढ़े 60 अंक; बोर्ड की कार्... Ratlam News: इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद 17 वर्षीय किशोरी से जबरन निकाह; आरोपित ईरशाद शेख के खिलाफ ... Bhopal High-Profile Case: सीसीटीवी, व्हाट्सएप चैट और चोट के निशान; CBI के सवालों में घिरीं पूर्व जज ... Chhatarpur News: न्याय न मिलने से आहत युवती ने थाने में किया आत्मदाह का प्रयास; पुलिस की कार्यशैली प... Rajgarh News: शादी के 15 दिन बाद ही दुल्हन हुई रफूचक्कर; 2 लाख रुपये ठगने वाले 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह... Weather Update: दिल्ली-यूपी सहित उत्तर भारत में झमाझम बारिश का अलर्ट; आंधी और ओलावृष्टि से गिरेगा पा... Ghazipur Murder Case: होटल कारोबारी के बेटे की गोली मारकर हत्या; कटरा गैंग पर आरोप, कोतवाल लाइन हाजि... Punjab Government Big Decision: पंजाब में खत्म हुई ठेकेदारी प्रथा; 65,000 कर्मचारियों को मिलेगी पक्क... Dhamtari News: सराफा कारोबारी के साथ 70 लाख की धोखाधड़ी; कारीगर का बेटा जेवर लेकर हुआ फरार Katihar News: कटिहार में शव के साथ ग्रामीणों का संघर्ष; कमला नदी पार कर करना पड़ा अंतिम संस्कार

शीर्ष नेता की अपील का भी ईरान में कोई असर नहीं

मुद्रा की गिरावट पर पूरे देश में प्रदर्शन

तेहरान: ईरान में बढ़ती मुद्रास्फीति और राष्ट्रीय मुद्रा ‘रियाल’ के ऐतिहासिक अवमूल्यन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों और हड़तालों का सिलसिला आज लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। संकट की शुरुआत रविवार को तब हुई जब राजधानी तेहरान के ऐतिहासिक ग्रैंड बाजार के व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद कर दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के कारण दुकानदारों के लिए व्यापार करना असंभव हो गया है।

शुरुआत में यह केवल व्यापारियों का विरोध था, लेकिन अब यह एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गया है। सत्यापित वीडियो फुटेज के अनुसार, विरोध की यह लहर अब करज, हमादान, इस्फहान और शिराज जैसे प्रमुख शहरों तक पहुँच गई है। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें भी हुई हैं, जहाँ पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शनों की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने नरम रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों से संवाद करने और उनकी वाजिब समस्याओं का समाधान खोजने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए उन्होंने सेंट्रल बैंक के गवर्नर का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है। हालाँकि, यह आंदोलन अब केवल आर्थिक मांगों तक सीमित नहीं रहा। विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस विरोध में कूद पड़े हैं। प्रदर्शनों के दौरान तानाशाह को मौत जैसे तीखे राजनीतिक नारे सुनाई दे रहे हैं, जो सीधे तौर पर सत्ता प्रतिष्ठान को चुनौती दे रहे हैं।

ईरान की इस आंतरिक उथल-पुथल पर वैश्विक समुदाय की भी पैनी नजर है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने प्रदर्शनकारियों के साहस की सराहना करते हुए उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन किया है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान की जर्जर आर्थिक स्थिति पर कड़ी टिप्पणी की है, जिसे विशेषज्ञों द्वारा ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।