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शीर्ष नेता की अपील का भी ईरान में कोई असर नहीं

मुद्रा की गिरावट पर पूरे देश में प्रदर्शन

तेहरान: ईरान में बढ़ती मुद्रास्फीति और राष्ट्रीय मुद्रा ‘रियाल’ के ऐतिहासिक अवमूल्यन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों और हड़तालों का सिलसिला आज लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। संकट की शुरुआत रविवार को तब हुई जब राजधानी तेहरान के ऐतिहासिक ग्रैंड बाजार के व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद कर दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के कारण दुकानदारों के लिए व्यापार करना असंभव हो गया है।

शुरुआत में यह केवल व्यापारियों का विरोध था, लेकिन अब यह एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गया है। सत्यापित वीडियो फुटेज के अनुसार, विरोध की यह लहर अब करज, हमादान, इस्फहान और शिराज जैसे प्रमुख शहरों तक पहुँच गई है। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें भी हुई हैं, जहाँ पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शनों की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने नरम रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों से संवाद करने और उनकी वाजिब समस्याओं का समाधान खोजने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए उन्होंने सेंट्रल बैंक के गवर्नर का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है। हालाँकि, यह आंदोलन अब केवल आर्थिक मांगों तक सीमित नहीं रहा। विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस विरोध में कूद पड़े हैं। प्रदर्शनों के दौरान तानाशाह को मौत जैसे तीखे राजनीतिक नारे सुनाई दे रहे हैं, जो सीधे तौर पर सत्ता प्रतिष्ठान को चुनौती दे रहे हैं।

ईरान की इस आंतरिक उथल-पुथल पर वैश्विक समुदाय की भी पैनी नजर है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने प्रदर्शनकारियों के साहस की सराहना करते हुए उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन किया है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान की जर्जर आर्थिक स्थिति पर कड़ी टिप्पणी की है, जिसे विशेषज्ञों द्वारा ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।