Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... कई तटीय शहर समुद्र के बढ़ने से भी तेजी से डूब रहे दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला... मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संश... यह 79 फीट लंबा समुद्र का दैत्य हुआ करता था, देखें वीडियो दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, कहा— "First in My Bloodline" हर बेटी के सशक्ति... दिल्ली और झारखंड में छात्रों पर बल प्रयोग पर भड़के राहुल गांधी, राम मंदिर में कथित चोरी पर भी पीएम म...

पुतिन के आवास पर हमले का वीडियो जारी

यूक्रेन के इंकार के बाद रूस ने नाराजगी जतायी

मॉस्को: रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक क्षतिग्रस्त ड्रोन का वीडियो फुटेज सार्वजनिक किया है। रूस का दावा है कि यह वही ड्रोन है जिसका इस्तेमाल यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक निवास, क्रेमलिन, पर हमले के प्रयास के लिए किया था। इस वीडियो को जारी करने के पीछे रूस का मुख्य उद्देश्य कीव के उन बयानों को झूठा साबित करना है, जिनमें यूक्रेन ने ऐसी किसी भी घटना में अपनी संलिप्तता से पूरी तरह इनकार किया था।

देखें इससे संबंधित वीडियो

रूसी सैन्य अधिकारियों ने इस ब्रीफिंग में विस्तार से बताया कि यह हमला कितना व्यापक हो सकता था। मेजर-जनरल अलेक्जेंडर रोमनेंकोव के अनुसार, यूक्रेन के सुमी और चेर्निहाइव क्षेत्रों से कुल 91 ड्रोन लॉन्च किए गए थे। रूस का दावा है कि उसकी अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी ड्रोनों को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया।

जारी किए गए फुटेज में एक रूसी सैनिक को चकलां-वी नामक ड्रोन के मलबे और बिखरे हुए टुकड़ों के पास खड़ा दिखाया गया है। रूस इसे कीव की प्रत्यक्ष आक्रामकता के ठोस सबूत के रूप में पेश कर रहा है।

दूसरी ओर, कीव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यूक्रेनी नेतृत्व का कहना है कि मॉस्को ने अपने दावों के समर्थन में कोई विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय साक्ष्य पेश नहीं किया है। कीव के मुताबिक, रूस ने यह पूरी कहानी केवल इसलिए गढ़ी है ताकि वह शांति वार्ता की संभावनाओं में बाधा डाल सके और युद्ध को और अधिक आक्रामक मोड़ दे सके।

पश्चिमी देशों के खुफिया अधिकारियों ने भी रूस की इस ‘ड्रोन थ्योरी’ पर संदेह जताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो फुटेज किसी फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन का हिस्सा भी हो सकता है, जिसका उपयोग रूस अपनी जनता को एकजुट करने या यूक्रेन पर बड़े हमले को सही ठहराने के लिए कर सकता है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर तनाव और बढ़ा दिया है। जहाँ रूस इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा प्रहार मान रहा है, वहीं विश्व समुदाय इसे रूस की प्रोपेगेंडा रणनीति का हिस्सा मानकर सतर्कता बरत रहा है।