बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम नहीं
क्वेटाः पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान प्रांत के कलात जिले में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान चार आतंकवादियों को मार गिराया है। सेना की जनसंपर्क शाखा के अनुसार, यह कार्रवाई आतंकियों के एक गुप्त ठिकाने पर खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। पिछले एक सप्ताह के भीतर सुरक्षा बलों ने कलात, कोहलू और पंजगुर जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग अभियानों में कुल 17 आतंकवादियों को ढेर किया है। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और उग्रवाद का केंद्र रहा है, जहाँ विद्रोही समूह अक्सर सुरक्षा बलों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निशाना बनाते हैं।
इस बीच हाल ही में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज द्वारा जारी एक वार्षिक रिपोर्ट ने पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति की एक भयावह तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 पाकिस्तान के लिए आतंकवाद के इतिहास में सबसे घातक वर्ष साबित हुआ है। इस एक साल के दौरान कुल 2,115 आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, 664 सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई, जबकि 580 निर्दोष नागरिक आतंकी हमलों का शिकार हुए।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि हिंसा की तीव्रता और घातकता में इस वर्ष भारी वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से अफगानिस्तान से सटे खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है। सुरक्षा संकेतकों का कहना है कि आतंकवादी अब आधुनिक हथियारों और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए चुनौती और बढ़ गई है। सरकार और सेना का दावा है कि वे आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन बढ़ते हताहतों की संख्या जनता के बीच चिंता का विषय बनी हुई है।