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पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन

चुनाव से ठीक पहले सबसे सक्रिय पार्टी बीएनपी को झटका

ढाकाः बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया का मंगलवार सुबह ढाका के एवरकेयर अस्पताल में निधन हो गया। उनके दल बीएनपी ने फेसबुक पर साझा किए गए एक भावुक बयान में कहा, हमारी प्रिय नेता अब हमारे बीच नहीं रहीं।

उन्होंने सुबह 6 बजे अंतिम सांस ली। 80 वर्षीय खालिदा जिया लंबे समय से लीवर सिरोसिस, गंभीर गठिया, मधुमेह और हृदय संबंधी रोगों से पीड़ित थीं। उन्हें 23 नवंबर को फेफड़ों के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके अंतिम समय में बांग्लादेश के अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस ने उन्हें राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए जनता से उनके लिए प्रार्थना करने की अपील की थी।

खालिदा जिया का राजनीतिक सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। 15 अगस्त 1946 को जन्मी खालिदा ने अपने पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की हत्या के बाद राजनीति में कदम रखा था। वे 1991 और फिर 2001 में देश की प्रधानमंत्री बनीं। पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक बांग्लादेश की राजनीति दो महिलाओं—खालिदा जिया और शेख हसीना—के इर्द-गिर्द घूमती रही, जिन्हें बैटलिंग बेगम्स (जंग लड़ती बेगम) कहा जाता था। खालिदा जिया के निधन के साथ ही यह अध्याय समाप्त हो गया है।

2018 में शेख हसीना की सरकार के दौरान उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल भेज दिया गया था और उनके विदेश में इलाज कराने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि, पिछले साल शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद उन्हें रिहा किया गया था। इस महीने उन्हें एयर एम्बुलेंस से लंदन ले जाने की योजना थी, लेकिन उनका स्वास्थ्य इतना स्थिर नहीं था कि वे उड़ान भर सकें।

अब उनके बेटे तारिक रहमान, जो 17 साल के निर्वासन के बाद हाल ही में स्वदेश लौटे हैं, पार्टी की कमान संभालेंगे। वे 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। खालिदा की विरासत मिली-जुली रही; जहाँ समर्थकों ने उन्हें लोकतंत्र की रक्षक माना, वहीं आलोचकों ने उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार और कट्टरपंथी रुख की निंदा की।