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बांग्लादेश की पुलिस के आरोप में बीएसएफ का कड़ा जबाव

भारतीय सीमा में हादी के हत्यारे नहीं आये हैं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः मेघालय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल ने बांग्लादेश पुलिस के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि इंकिलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के संदिग्ध आरोपी भारतीय सीमा में घुस आए हैं। बीएसएफ ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश पुलिस द्वारा लगाए गए ये आरोप पूरी तरह से काल्पनिक और भ्रामक हैं। मेघालय फ्रंटियर के महानिरीक्षक ओपी उपाध्याय ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि हलुआघाट सेक्टर या किसी अन्य सीमावर्ती इलाके से किसी भी संदिग्ध के अवैध प्रवेश का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

इससे पहले बांग्लादेश की ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दावा किया था कि हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपी स्थानीय मददगारों की सहायता से मेघालय के गारो हिल्स क्षेत्र में छिपे हुए हैं। बांग्लादेशी अधिकारियों का यहाँ तक कहना था कि इन आरोपियों की मदद करने वाले दो व्यक्तियों को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, मेघालय पुलिस और बीएसएफ दोनों ने ही ऐसी किसी भी हिरासत या घुसपैठ की सूचना से इनकार किया है। सीमावर्ती जिलों की पुलिस ने भी पुष्टि की है कि गारो हिल्स में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की कोई खुफिया रिपोर्ट नहीं मिली है।

शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश की राजनीति में एक उभरते हुए चेहरे थे, जो विशेष रूप से भारत विरोधी रुख के लिए जाने जाते थे। पिछले साल बांग्लादेश में हुए जुलाई विद्रोह के दौरान वे काफी सक्रिय रहे और उसके बाद उन्होंने इंकिलाब मंच का गठन किया था। उनकी मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि पड़ोसी देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए सीमा पर पहले से ही हाई अलर्ट है और निगरानी तंत्र इतना मजबूत है कि किसी भी प्रकार की घुसपैठ को तुरंत पकड़ा जा सकता है। फिलहाल, दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर सतर्कता बरत रही हैं, लेकिन भारत ने बांग्लादेश के दावों को आधिकारिक तौर पर नकार दिया है।