Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
'रॉयल एनफील्ड' छोड़ 'रॉयल सवारी' पर निकला बैंककर्मी! पेट्रोल नहीं मिला तो घोड़े पर बैठकर ऑफिस पहुंचा... रूह कंपा देने वाला हादसा! आंध्र प्रदेश में बस और ट्रक की जोरदार टक्कर, आग की लपटों में घिरकर 10 लोग ... पश्चिम बंगाल में बड़ा बदलाव! वोटर लिस्ट से एक साथ कटे 13 लाख नाम, जानें SIR के बाद अब क्या चल रहा है IPL 2026: तो ये खिलाड़ी करेगा CSK के लिए ओपनिंग! कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने खुद खोल दिया सबसे बड़ा रा... Operation Sindoor Film: बड़े पर्दे पर 'ऑपरेशन सिंदूर' की रियल स्टोरी दिखाएंगे विवेक अग्निहोत्री, नई ... Dividend Stock 2026: शेयर बाजार के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! इस कंपनी ने किया 86 रुपये प्रति शेयर डिव... Jewar Airport ILS System: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैसे काम करेगा ILS? पायलटों को मिलेगी ये बड़ी ... Chaitra Navratri Ashtami Bhog: अष्टमी पर मां महागौरी को लगाएं इस खास चीज का भोग, पूरी होगी हर मनोकाम... Baby Massage Oil: शिशु की मालिश के लिए बेस्ट 'लाल तेल' में कौन-कौन सी जड़ी-बूटियां होती हैं? जानें फ... Petrol Diesel Rumor: तेल-गैस की अफवाहों पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया से 1 घंटे में हटेगा आपत्तिजनक पोस...

“जेल से लड़ा जाएगा चुनावी रण”: पोते के कत्ल के आरोप में बंद महिला को अदालत से मिली ‘राहत’; अब ठोकेंगी ताल

पुणे की एक स्पेशल MCOCA कोर्ट ने बंदू अंडेकर की भाभी लक्ष्मी अंडेकर और बहू सोनाली अंडेकर को पुणे नगर निगम चुनावों के लिए नॉमिनेशन पेपर दाखिल करने की शर्तिया इजाज़त दे दी है. बंदू अंडेकर अपने पोते आयुष कोमकर की हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं. इस मामले में तीनों आरोपी 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए शनिवार को पुलिस सुरक्षा में अपने नॉमिनेशन पेपर दाखिल करेंगे.

आयुष को 5 सितंबर को नाना पेठ में गोली मार दी गई थी. वह गणेश कोमकर का बेटा है, जो पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कॉर्पोरेटर और बंदू अंडेकर के बेटे वनराज अंडेकर की हत्या के मामले में आरोपी है. बंदू उर्फ ​​सूर्यकांत रानोजी अंडेकर (70), लक्ष्मी उदयकांत अंडेकर (60), सोनाली वनराज अंडेकर (36), सभी नाना पेठ के रहने वाले, पंद्रह अन्य लोगों के साथ आयुष कोमकर की हत्या में शामिल होने के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं.

बांग्लादेश में हिंदू खत्म हो जाएंगे

पुणे नगर निगम चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नॉमिनेशन पेपर 30 दिसंबर तक दाखिल किए जा सकते हैं. आरोपियों की तरफ से वकील मिथुन चौहान ने इस काम के लिए पैसे देकर पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए एक अर्जी दी थी. उन्होंने कहा कि समस्त हिंदुओं से हम एक प्रार्थना करना चाहते हैं. सरकार प्रत्यक्ष रूप से अथवा अप्रत्यक्ष रूप से ही सही पर बांग्लादेशी हिंदुओं का यदि अभी संवर्धन-संरक्षण नहीं किया, तो बांग्लादेश में हिंदू खत्म हो जाएंगे. और उसका असर भारत में आएगा. भारत में हाल-बेहाल हो जाएगा. इसलिए भारत सरकार को ठोस कदम उठाकर बांग्लादेशी हिंदुओं को सुरक्षित करना चाहिए.

हिंदुओं को भारत बुलाना चाहिए

मिथुन चौहान ने कहा कि हमारी राय-सलाह यदि मानें, तो हम एक बात और कहना चाहते हैं. यहां पर रोहिंग्या बहुत हैं, उनकी तो बड़ी मात्रा में घर वापसी करके बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए भारत के गेट खोल देने चाहिए. शरणार्थियों को वापस उनके देश छोड़कर, अपने हिंदू भाइयों को भारत में बुला लेना चाहिए. इससे बेहतर कदम शायद कोई नहीं होगा.

अभियोजन पक्ष ने कहा था कि कोर्ट इस मामले में ज़रूरी आदेश दे सकता है. आंडेकर के वकील मिथुन चौहान ने कहा था कि चुनाव कार्यक्रम पहले ही घोषित हो चुका है और नॉमिनेशन पेपर जमा करने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर है. उन्होंने बताया कि जिस राजनीतिक पार्टी से आरोपी जुड़े हैं. उसके निर्देशों के अनुसार, उसके सदस्य 27 दिसंबर को नॉमिनेशन पेपर जमा करना चाहते हैं और इसलिए उस तारीख को पुलिस एस्कॉर्ट की मांग की गई थी.