Breaking News in Hindi

नाइजीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर हमला

स्थानीय सरकार से सहमति लेने के बाद ट्रंप का आदेश

वाशिंगटनः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के खिलाफ एक भीषण सैन्य हमले का आदेश दिया है। ट्रंप ने इन आतंकवादियों पर देश में ईसाइयों को प्रताड़ित करने और उनकी हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से उन्होंने बताया कि यह हमला उत्तर-पश्चिम नाइजीरिया में आईएसआईएस के आतंकी गुर्गों के खिलाफ किया गया, जो निर्दोष ईसाइयों के संहार के लिए जिम्मेदार थे।

अमेरिकी अफ्रीका कमांड ने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन सोकोटों राज्य में चलाया गया, जिसकी सीमा उत्तर में नाइजर से लगती है। यह कार्रवाई पूरी तरह से नाइजीरियाई अधिकारियों के समन्वय के साथ की गई थी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इन ठिकानों पर हुए हमलों में कई आतंकी मारे गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक नौसैनिक जहाज से टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं, जिन्होंने दो प्रमुख आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने संकेत दिया कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में ऐसी और कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं। उन्होंने इस सहयोग के लिए नाइजीरियाई सरकार का आभार भी व्यक्त किया।

दूसरी ओर, नाइजीरियाई विदेश मंत्री यूसुफ तुग्गर ने बताया कि इस हमले से पहले उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से चर्चा की थी और राष्ट्रपति बोला टिनुबू ने इस ऑपरेशन के लिए अपनी मंजूरी दी थी। तुग्गर ने जोर देकर कहा कि इस लड़ाई को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि साहेल क्षेत्र में आतंकवाद से सबसे अधिक मुस्लिम प्रभावित हैं, ईसाई नहीं। ट्रंप पिछले कुछ महीनों से नाइजीरियाई ईसाइयों की स्थिति पर मुखर रहे हैं और उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईसाइयों का कत्लेआम नहीं रुका, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। ट्रंप ने इस हमले को सटीक और सफल बताते हुए कहा कि अमेरिका ऐसी क्षमता रखने वाला एकमात्र देश है।