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इस्लामिक स्टेट के शीर्ष कमांडर की गिरफ्तारी

अमेरिकी सैनिकों पर अप्रत्याशित हमले के बाद कार्रवाई

दमिश्क: सीरियाई सुरक्षा बलों ने आज तड़के एक सर्जिकल ऑपरेशन में इस्लामिक स्टेट  के सबसे वांछित नेताओं में से एक, ताहा अल-ज़ौबी (जिसे अबू उमर तिबिया के नाम से भी जाना जाता है) को गिरफ्तार कर लिया है। अल-ज़ौबी संगठन का तथाकथित वली या दमिश्क का गवर्नर था। यह ऑपरेशन दमिश्क के दक्षिण-पश्चिम में स्थित मुआदामिया क्षेत्र में एक गुप्त ठिकाने पर छापा मारकर अंजाम दिया गया। सीरियाई आंतरिक सुरक्षा प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अहमद अल-दलाती ने पुष्टि की कि इस छापे के दौरान अल-ज़ौबी के पास से एक सुसाइड बेल्ट और कई सैन्य हथियार बरामद किए गए हैं।

यह गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ताहा अल-ज़ौबी केवल एक स्थानीय कमांडर नहीं था, बल्कि वह राजधानी क्षेत्र में आईएसआईएल के स्लीपर सेल्स को सक्रिय करने और वहां आतंकी हमलों की रणनीति बनाने का मुख्य सूत्रधार था। सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह ऑपरेशन हफ्तों की निगरानी और सटीक खुफिया जानकारी के बाद किया गया।

विशेष बात यह है कि इस छापेमारी में सीरियाई बलों को अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के साथ समन्वय का भी लाभ मिला। जब सुरक्षा बल ठिकाने पर पहुंचे, तो अल-ज़ौबी और उसके साथियों ने आत्मघाती जैकेट पहनकर प्रतिरोध करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई ने उन्हें जीवित पकड़ने में सफलता दिलाई।

2024 के अंत में बशर अल-असद शासन के पतन के बाद से सीरिया में सुरक्षा व्यवस्था एक संक्रमणकालीन दौर से गुजर रही है। ऐसे में आईएसआईएल ने फिर से अपनी जड़ें जमाने की कोशिश की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘दमिश्क के गवर्नर’ की गिरफ्तारी संगठन के नेटवर्क के लिए एक जोरदार हमला है। इससे न केवल दमिश्क के आसपास की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि पूछताछ के दौरान अन्य सक्रिय सेल्स और उनके विदेशी फंडर्स के बारे में भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है। सीरिया की अंतरिम सरकार ने इस सफलता को देश में स्थिरता और पूर्ण शांति बहाली की दिशा में एक बड़ी जीत बताया है।