Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शराबबंदी पर पुलिस का प्रहार: वैशाली में दरोगा की करतूत, आर्मी जवान को बनाया निशाना सुप्रीम कोर्ट का सख्त एक्शन: पार्श्वनाथ डेवलपर्स के डायरेक्टरों के बैंक अकाउंट फ्रीज, जारी किया वारं... यूपी पंचायत चुनाव: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की सुनवाई टली उद्धव ठाकरे का बड़ा ऐलान: सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के आंदोलन को दिया समर्थन Badrinath News: दान में हेराफेरी के आरोप में मंदिर समिति के कर्मचारी पर गिरी गाज, पुलिस हिरासत में प... बांकीपुर उपचुनाव: धोखाधड़ी मामले में वीणा मानवी की गिरफ्तारी पर तेजप्रताप यादव का बड़ा बयान Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर SC सख्त, ट्रस्ट और SIT को जारी किया नोटिस Ayodhya Ram Mandir Recruitment: राम मंदिर के लिए CEO पद की वैकेंसी, ऐसे भेजें अपना आवेदन अब पानी और बिजली से डिजिटल डीएनए की क्रांति, देखें वीडियो पासपोर्ट नागरिकता नहीं तो क्या हैः जस्टिस धूलिया

सीएम हेमंत सोरेन को साक्षी मानकर बर्खास्त अनुसेवकों ने पलामू में किया हवन, रैली निकालकर जताया विरोध

पलामूः बर्खास्त अनुसेवकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को साक्षी मान कर हवन किया है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पलामू में 251 अनुसेवकों को बर्खास्त कर दिया गया था. बर्खास्तगी के बाद सभी अनुसेवक आंदोलन कर रहे हैं. अनुसेवक अपनी सेवा को समायोजित करने की मांग कर रहे हैं. बुधवार को बर्खास्त अनुसेवकों ने रैली निकाली, जो समाहरणालय परिसर तक गई.

समाहरणालय परिसर के पास अनुसेवकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का फोटो रखा और साक्षी मान कर हवन किया. बर्खास्त अनुसेवकों का कहना है कि बर्खास्तगी से पहले उनसे कोई भी स्पष्टीकरण नहीं पूछा गया और ना ही जानकारी ली गई है. पूरी प्रक्रिया में उनकी कोई गलती नहीं है. ना उनके दस्तावेज गलत हैं और ना ही कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोई गलती की है.

बर्खास्त अनुसेवकों ने आंदोलन के माध्यम से पांच सूत्री मांगों को रखा है. जिसमें प्रमुख रूप से दैनिक भोगी वरीयता के आधार पर प्राथमिकता दिया जाए, पूर्व के विज्ञापन में आठवीं पास न्यूनतम योग्यता थी, जबकि नए विज्ञापन में आठवीं पास विज्ञापन में जिक्र नहीं किया गया. बहुत से बर्खास्त अनुसेवक 50 वर्ष से अधिक हो गए हैं, इसलिए उम्र के मामले में राहत दिया जाए, नई बहाली में सभी बर्खास्त अनुसेवकों को समायोजित किया जाए.

आंदोलन में शामिल विवेक कुमार शुक्ला, राजेश प्रसाद, कृष्ण कुमार पासवान ने बताया कि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे भिक्षाटन करके रांची तक पैदल मार्च करेंगे. बर्खास्त अनुसेवकों के आंदोलन में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि अनुसेवकों की मांगें जायज हैं. आंदोलन में हर कदम पर वे अनुसेवकों के साथ हैं.