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सीएम हेमंत सोरेन को साक्षी मानकर बर्खास्त अनुसेवकों ने पलामू में किया हवन, रैली निकालकर जताया विरोध

पलामूः बर्खास्त अनुसेवकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को साक्षी मान कर हवन किया है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पलामू में 251 अनुसेवकों को बर्खास्त कर दिया गया था. बर्खास्तगी के बाद सभी अनुसेवक आंदोलन कर रहे हैं. अनुसेवक अपनी सेवा को समायोजित करने की मांग कर रहे हैं. बुधवार को बर्खास्त अनुसेवकों ने रैली निकाली, जो समाहरणालय परिसर तक गई.

समाहरणालय परिसर के पास अनुसेवकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का फोटो रखा और साक्षी मान कर हवन किया. बर्खास्त अनुसेवकों का कहना है कि बर्खास्तगी से पहले उनसे कोई भी स्पष्टीकरण नहीं पूछा गया और ना ही जानकारी ली गई है. पूरी प्रक्रिया में उनकी कोई गलती नहीं है. ना उनके दस्तावेज गलत हैं और ना ही कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोई गलती की है.

बर्खास्त अनुसेवकों ने आंदोलन के माध्यम से पांच सूत्री मांगों को रखा है. जिसमें प्रमुख रूप से दैनिक भोगी वरीयता के आधार पर प्राथमिकता दिया जाए, पूर्व के विज्ञापन में आठवीं पास न्यूनतम योग्यता थी, जबकि नए विज्ञापन में आठवीं पास विज्ञापन में जिक्र नहीं किया गया. बहुत से बर्खास्त अनुसेवक 50 वर्ष से अधिक हो गए हैं, इसलिए उम्र के मामले में राहत दिया जाए, नई बहाली में सभी बर्खास्त अनुसेवकों को समायोजित किया जाए.

आंदोलन में शामिल विवेक कुमार शुक्ला, राजेश प्रसाद, कृष्ण कुमार पासवान ने बताया कि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे भिक्षाटन करके रांची तक पैदल मार्च करेंगे. बर्खास्त अनुसेवकों के आंदोलन में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि अनुसेवकों की मांगें जायज हैं. आंदोलन में हर कदम पर वे अनुसेवकों के साथ हैं.