Breaking News in Hindi

भक्तों के लिए बड़ा अपडेट: महाकाल भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद, जानें अब कैसे होंगे दर्शन

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष को देखते हुए भस्म आरती की दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. कल यानि 25 दिसंबर से भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग 10 दिनों के लिए बंद रहेगी. इसके लिए अब या तो श्रद्धालुओं को ऑफलाइन परमिशन लेनी होगी. या फिर चलित भस्म आरती से ही श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर पाएंगे.

श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया- नववर्ष पर बाबा महाकाल के दर्शन और आशीर्वाद करने के लिए लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. इसलिए मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्था जुटाए जा रही है. साथ ही 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक मंदिर में सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग को भी कल से बंद कर दिया जाएगा.

ऑनलाइन बुकिंग बंद होने पर अब श्रद्धालुओ को ऑफलाइन भस्म आरती की बुकिंग करवाना होगी. इसके लिए काउंटर की खिड़की से आवेदन देना होगा और यहीं से भस्म आरती में शामिल होने की परमिशन मिल पाएगी.

चलित भस्म आरती होगी शुरू

25 दिसंबर से भले ही ऑनलाइन भस्म आरती की बुकिंग नहीं हो पाएगी. लेकिन बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को निराश होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के द्वारा चलित भस्म आरती की शुरुआत इन 10 दिनों के दौरान की जाएगी. जिसमें श्रद्धालुओं को भस्म आरती देखने के लिए परमिशन की जरूरत नहीं होगी

श्रद्धालु देर रात को लाइन में लगेंगे और नंदी हॉल के ऊपर के बैरिकेट से चलित रूप से भस्म आरती के दर्शन कर सकेंगे. अभी वर्तमान में 1800 श्रद्धालु ही प्रतिदिन बाबा महाकाल के दर्शन कर पाते हैं. लेकिन इस नई व्यवस्था के कारण प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन कर पाएंगे.

छुट्टियां शुरू होते ही मंदिर में भक्तों का सैलाब

नववर्ष को लेकर अभी से ही छुट्टियां लग चुकी है और बड़ी संख्या में देश विदेश से श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचने लगे हैं. पिछले दो दिनों से महाकालेश्वर मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे हैं, जो कि महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन करने के साथ ही शहर के काल भैरव, चिंतामण गणेश, हरसिद्धि, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम और अन्य मंदिरों पर भी दर्शन व पूजन करने के लिए पहुंच रहे हैं. रामघाट पर भी सुबह से श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने और दान पुण्य करते भी दिखाई दे रहे हैं.