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मध्य प्रदेश में खुलेंगे बिजली थाने, विद्युत चोरी पर लगेगी लगाम, ऊर्जा होगी महंगी

भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर बिजली बिलों में बढ़ोत्तरी की तैयारी की जा रही है. हालांकि, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली दरों में बढ़ोत्तरी से अपना पल्ला झाड़ लिया है. मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर विभाग की 2 साल की उपलब्धियां बताने के लिए मीडिया से रू-ब-रू हुए थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की कंपनियों की सबसे कम हानियां हुई हैं. लेकिन जब उनसे सवाल किया गया कि जब हानियां कम हुई हैं, तो बिजली की दरें क्यों बढ़ाई जा रही हैं. इस पर उन्होंने कहा कि “बिजली दरें बढ़ाने का मामला विद्युत वितरण कंपनियों और विद्युत नियामक आयोग के बीच का है.” आगे ऊर्जा मंत्री ने कहा, “प्रदेश में बिजली चोरियां रोकने के लिए जल्द ही बिजली विभाग अपने थाने खोलने जा रही है. इसमें बिजली कंपनियों की अपनी पुलिस भी होगी.”

पीएचक्यू से प्रतिनियुक्ति पर लिए जाएंगे अधिकारी

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया, “बिजली चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं, इन्हें रोकना जरूरी है. विद्युत चोरी एक संगीन अपराध है. इसमें 3 साल की सजा का प्रावधान है. बिजली चोरी रोकने के लिए मध्य प्रदेश में बिजली थाने जल्द शुरू किए जा रहे हैं. इसके लिए ऊर्जा विभाग पीएचक्यू से अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर बुलाएगी. शुरुआत में संभागीय स्तर पर बिजली थानों की स्थापना की जाएगी. इसके लिए ऊर्जा पुलिस संरचना के प्रस्ताव के सेटअप की स्वीकृति मिल चुकी है और नए पदों का सृजन किया जा रहा है. बिजली थानों पर आने वाला खर्च बिजली कंपनियां ही उठाएंगी. उधर, प्रदेश की अवैध कॉलोनियों में स्थायी बिजली कनेक्शन का रास्ता भी खोजा जा रहा है.”

बिजली डिमांड का टूटा रिकॉर्ड

मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि “12 दिसंबर को प्रदेश के इतिहास में 19,113 मेगावॉट की सर्वाधिक बिजली की मांग रही, जिसे बिना कटौती के विद्युत आपूर्ति की गई. प्रदेश में वर्तमान में कुल अनुबंधित बिजली क्षमता 25 हजार 81 मेगावॉट है, जो हमें सरप्लस राज्य बनाता है. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 2037 के लिए बिजली क्षमता में बढ़ोत्तरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें सौर ऊर्जा में 3500 मेगावॉट का लक्ष्य रखा गया है.

इसके तहत 600 मेगावॉट क्षमता के मुरैना सोलर पार्क के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इसके अलावा 6340 मेगावॉट कुसुम और 2000 मेगावाट पूरक आधार पर प्रस्तावित है. पवन ऊर्जा के लिए 3200 मेगावॉट का लक्ष्य रखा गया है. इसमें से 1600 मेगावॉट के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है. इसके अलावा 4250 मेगावॉट स्टोरेज और 2000 मेगावाट थर्मल पावर से बिजली उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा गया है.

अगले एक साल में पूरा हो स्मार्ट मीटर का काम

मंत्री ने बताया कि “प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51,711 कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उधर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है. अभी तक प्रदेश में 29 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं. इसमें सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक दिन की खपत पर 20 फीसदी की छूट दी जा रही है. स्मार्ट मीटर लगाने का काम अगले एक साल में पूरा कर लिया जाएगा.”