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नायब सरकार के खिलाफ गिरा अविश्वास प्रस्ताव, मतदान से पहले कांग्रेस का वाकआऊट

चंडीगढ़: विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नायब सैनी सरकार के खिलाफ कांग्रेस की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से खारिज हो गया। करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा में सत्तापक्ष और विपक्षी विधायकों ने एक-दूसरे पर खूब सियासी तीर चलाए। कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच तीखी बहस हुई लेकिन मतदान से पहले कांग्रेस ने वाकआऊट कर अविश्वास प्रस्ताव पर पानी फेर दिया। लिहाजा विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने सर्वसम्मति से कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव को रद्द कर दिया। गत साढ़े चार वर्षों में कांग्रेस की ओर से तीसरी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।

इससे पहले मार्च 2021 और फरवरी 2024 में कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिर गया था। शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित किया लेकिन नेता प्रतिपक्ष के आग्रह पर और समय बढ़ाया गया। कांग्रेस की ओर से विधायक रघुबीर कादयान ने प्रस्ताव पर चर्चा की शुरूआत की।

प्रस्ताव पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, मंत्री राव नरबीर, मंत्री श्रुति चौधरी, महिपाल ढांडा और मंत्री श्याम सिंह राणा और कांग्रेस की ओर से अशोक अरोड़ा, भारत भूषण बतरा, गीता भुक्कल और बलराम दांगी, इनैलो की ओर से आदित्य चौटाला और अर्जुन चौटाला सहित सत्तापक्ष व विपक्ष के करीब एक दर्जन विधायकों ने चर्चा की। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के विधायक यह कहते नजर आए कि आंकड़ों का बहुमत सत्तापक्ष के पास जरूर है लेकिन सरकार जनता में विश्वास खो चुकी है इसलिए वह अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं। दरअसल 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को अविश्वास प्रस्ताव पास करवाने के लिए 46 विधायकों की जरूरत थी जबकि कांग्रेस के पास 37 ही विधायक हैं।

वहीं भाजपा के पास 48 और 3 निर्दलीय भी सरकार को समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस की योजना इस प्रस्ताव के जरिए सरकार को घेरने की थी लेकिन मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कई मुद्दों पर तकरार होने पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए सदन से वाकआऊट कर दिया। हुड्डा ने कहा कि जब सरकार गलत तरीके से मामले को रख रही है तो फिर सदन में बैठने का क्या औचित्य है ? वहीं, मुख्यमंत्री सहित सत्तापक्ष के विधायकों ने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच अविश्वास खो चुकी है और यह जानबूझकर विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने का ढोंग करती है लेकिन हर बार वो मतदान से पहले मैदान छोड़कर भाग जाती है।

अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष की हताशा का दस्तावेजः नायब सैनी

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा। अविश्वास प्रस्ताव दौरान हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि विपक्ष सरकार पर जो भी आरोप लगाए वे तथ्यों, सच्चाई और जमीनी हकीकत पर आधारित होने चाहिए, न कि निराशा, हताशा और राजनीतिक कुंठा से उपजे हुए। इस प्रस्ताव को देख कर पहली नजर में ही कहा जा सकता है कि यह जल्दबाजी में केवल प्रस्ताव लाने के लिए लिखा गया है। कोई गंभीरता इसमें दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में केवल एक आंकड़ा है। इस अविश्वास पत्र में महंगाई शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सवालिया अंदाज में कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों से यह पूछना चाहता हूं, क्या यह अविश्वास जनता का है या इनकी अपनी खोई हुई जमीन का क्योंकि जब जनता का विश्वास सरकार के साथ होता है, तब ऐसे प्रस्ताव केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। सच्चाई तो यह है कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश की जनता के विश्वास पर खरी उतरी है और आगे भी उतरेगी।

कानून-व्यवस्था पर अविश्वास के कारण ए.डी.जी.पी. रैंक के अधिकारी और अन्य अधिकारी ने सुसाइड किया: कादियान
रघुबीर कादियान ने कहा कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है। सूबे में गैंगस्टर और उनके गिरोह पनप रहे हैं। फिरौती मांगी जा रही है। मर्डर किया जा रहा है। दिनदहाड़े गोलियां चल रही हैं। ये कोई मामूली चीज नहीं है। शराब माफिया, प्रॉपर्टी माफिया फल-फूल रहा है। कानून व्यवस्था पर अविश्वास के कारण ए.डी.जी.पी. रैंक के अधिकारी और एक अन्य अधिकारी ने सुसाइड किया। हाईकोर्ट के जज से मामले की जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो। वहीं, गीता भुक्कल ने कहा कि बीजेपी ऐसी सरकार है, जो अपना दावा चंडीगढ़ पर दावा नहीं जता सकती। आज प्रदूषण लोगों का दम घोंट रहा है लेकिन सदन में ठहाके लग रहे हैं। इलेक्शन कमीशन पूरी तरह भाजपा की कठपुतली बनी हुई है।

कांग्रेस हमेशा से भाजपा के साथ रही : आदित्य
कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर इनैलो विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा कि ना हम कांग्रेस के साथ हैं और न. बी.जे.पी. के साथ। इनैलो विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से भाजपा के साथ रही है। इनकी गड़बड़ियों के कारण हमेशा कांग्रेस के नेता हारे हैं। अब भाजपा की जब सूबे में तीसरी बार सरकार बनी है तो ये भूपेंद्र हुड्डा की मेहरबानी है। अजय माकन को इन कांग्रेसियों ने राज्यसभा चुनाव हरवा दिया। कांग्रेस विधायक सच्ची बात कह रहे थे। वह कह रहे थे कि कांग्रेस क्यों हारी, तब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपना मुंह फेर लिया। हरियाणा की जनता अब इनके कर्मों को कोस रही है। अगर ये सही होते तो ऐसा नहीं होता। ये मिले हुए हैं, इसी कारण ऐसा हो रहा है।

दूसरे दिन 7 विधेयक पेश

हरियाणा तकनीकी शिक्षा अतिथि संकाय (सेवा की सुनिश्चिता) संशोधन विधेयक, 2025,
हरियाणा आवास बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2025।
हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2025,
हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहितीकरण, अभिलेखन और समाधान) विधेयक, 20251
हरियाणा दुकान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक, 2025।
हरियाणा अनुसूचित सड़क और नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन (संशोधन) विधेयक, 2025 और हरियाणा जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2025

8 विधेयक चर्चा उपरांत पास

हरियाणा माता मनसा देवी पूजा स्थल (संशोधन) विधेयक, 20251
हरियाणा माता शीतला देवी पूजा स्थल (संशोधन) विधेयक, 2025।
हरियाणा माता भीमेश्वरी देवी मंदिर (आश्रम), बेरी पूजा स्थल (संशोधन) विधेयक, 20251
हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2025।
हरियाणा कपाल मोचन, श्री बद्री नारायण, श्री मन्तरा देवी तथा श्री केदारनाथ पूजा स्थल (संशोधन) विधेयक, 2025।
हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 20251
हरियाणा पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025
हरियाणा नगर निकाय विधेयक, 20251