गाजा युद्धविराम समझौते के अगले चरण की तैयारी
मियामीः मध्य-पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों के बीच, अमेरिका शुक्रवार को मियामी में गाजा युद्धविराम के दूसरे चरण को लेकर एक उच्च-स्तरीय बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ फ्लोरिडा में कतर, मिस्र और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस जटिल समझौते की अड़चनों को दूर करने के लिए मंथन करेंगे।
इस शांति प्रक्रिया का दूसरा चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके तहत इजरायली सेना को गाजा पट्टी के भीतर अपनी सैन्य चौकियों से पीछे हटना होगा। योजना के अनुसार, गाजा में हमास के शासन के बजाय एक अंतरिम प्राधिकरण स्थापित किया जाना है और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती की जाएगी।
हालांकि, यह समझौता फिलहाल बेहद नाजुक मोड़ पर है। मध्यस्थों के लिए सबसे बड़ी अड़चन हमास का पूर्ण रूप से हथियार डालने का प्रावधान है। हमास के नेताओं का कहना है कि उनके पास हथियार रखने का वैध अधिकार है, जबकि इजरायल इस बात पर अडिग है कि गाजा को पूरी तरह हथियार मुक्त किया जाए। इसी तनाव के बीच दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संघर्षविराम के उल्लंघन के आरोप भी लगा रहे हैं।
इसी कूटनीतिक हलचल के बीच यह खबर भी सामने आई है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दिसंबर के अंत तक फ्लोरिडा में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नेतन्याहू क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान मार-ए-लागो रिसॉर्ट में उनसे मिलना चाहते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है, लेकिन इस मुलाकात को युद्धविराम को स्थायी रूप देने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन केवल गाजा तक ही सीमित नहीं है। स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की टीम इसी सप्ताहांत मियामी में रूसी अधिकारियों से भी मुलाकात करेगी ताकि यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकाला जा सके। ट्रंप ने हाल ही में अपने संबोधन में दावा किया था कि उनकी नीतियों ने दशकों बाद मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीद जगाई है। अब दुनिया की नजरें मियामी में होने वाली इस शटल डिप्लोमेसी के परिणामों पर टिकी हैं।