देश के 15 राज्यों में शीतलहर का भीषण प्रकोप
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः दिसंबर माह की शुरुआत के साथ ही भारत के अधिकांश उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप तेज़ी से बढ़ गया है। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, और राजस्थान सहित लगभग 15 राज्यों के लिए भीषण ठंड और घने कोहरे को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में लोगों को अत्यधिक सर्दी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शीत लहर का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है, जहां तापमान लगातार जमाव बिंदु से नीचे बना हुआ है। कश्मीर के ऊपरी क्षेत्रों में हल्की धुंध छाई रही, और सबसे ठंडा स्थान जोजि ला दर्रा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जम्मू संभाग में भद्रवाह में न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश में भी न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आई है, खासकर जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर में। यहाँ तापमान शून्य से काफी नीचे जाने के कारण कई प्राकृतिक जल स्रोत और झरने जम गए हैं। कश्मीर और लद्दाख के ऊपरी इलाकों में पेड़ों पर बर्फ की परतें जमने और पानी के स्रोतों के आंशिक रूप से जमने की खबरें हैं। हिमाचल में बीते 24 घंटों में औसत न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री की कमी आई है।
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पंजाब का फरीदकोट सबसे ठंडा रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चंडीगढ़ का न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि हिसार में 6.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान में सीकर का फतेहपुर क्षेत्र 4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा मैदानी इलाका रहा।
दूर-दराज के ओडिशा राज्य के कुछ हिस्सों में भी ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य के 30 में से 11 जिलों में कम से कम 15 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। कोरापुट जिले में स्थित हिल स्टेशन सेमिलिगुडा में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में ठंड की तीव्रता को दर्शाता है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इन स्थितियों के बने रहने का अनुमान जताया है।