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कवर्धा में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर एबीवीपी का हल्ला बोल, कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव

कवर्धा: छत्तीसगढ़ के वनांचाल जिले कवर्धा में शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की बदहाली का मुद्दा तूल पकड़ चुका है. जिले के स्कूलों, आश्रम और हॉस्टलों में बदइंतजामी की खबरें आ रहीं हैं. यहां लगातार कई घटनाएं हो रही है. इसे लेकर एबीवीपी ने अपना विरोध जताया है. इसे लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया.

एबीवीपी ने निकाली रैली

एबीवीपी कार्यकर्ता पीजी कॉलेज परिसर से रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. इसके बाद मुख्य द्वार के सामने बैठकर जिला प्रशासन और कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान पुलिस बल द्वारा छात्रों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह असफल रही. प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार तक पहुंचकर बैठ गए. एबीवीपी के कार्यकर्ता कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने और 10 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई को लेकर अड़े रहे.

एक घंटे तक चला हंगामा

करीब एक घंटे चले हंगामे के बाद कलेक्टर ने छात्रों के प्रतिनिधि मंडल को सभागार में बुलाकर चर्चा की. बैठक के दौरान ABVP के पदाधिकारियों ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति, छात्रावासों में अव्यवस्था, सुरक्षा की कमी और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. कलेक्टर ने नौ बिंदुओं पर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया, वहीं पीजी कॉलेज में कथित गबन केस की उच्च जांच की बात कही है.

शिक्षा व्यवस्था और स्कूल-कॉलेज में बदहाली के आरोप

ABVP का आरोप है कि पीजी कॉलेज के चपरासी पर बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा चाकू से हमला किए जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसी तरह कूकदूर कन्या छात्रावास में छात्रा द्वारा अधीक्षिका के पति के कपड़े नहीं धोने पर बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें पीड़ित छात्रा का इजा जारी है. हाल ही में एक अन्य छात्रावास में छात्रों के धूम्रपान और जमीन पर बैठकर भोजन करने का वीडियो भी वायरल हुआ था. इसके साथ ही पीजी कॉलेज में महाप्रबंधक पर लगे गबन के आरोप पर भी कार्रवाई न होने से विद्यार्थियों में गुस्सा दिखा है.

धरना प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा रही सख्त

स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल और आश्रम में लगातार बदइंजामी का मुद्दा गरमता जा रहा है. शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों में बदइंतजामी को दूर करने की मांग एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने की है. ABVP ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन की गति तेज की जाएगी.