Breaking News in Hindi

दो दिनों के हंगामा के बाद सदन में थोड़ी बहुत गतिविधि

उत्पाद शुल्क विधेयक पर चर्चा हो पायी

  • एसआईआर पर विपक्ष की मांग अनसुनी

  • सदन में आज भी लगे वोट चोरी के नारे

  • संचार साथी ऐप पर सरकार की सफाई

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के बीच गुज़रा। सदन की कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उत्पाद शुल्क विधेयक पर चर्चा का जवाब दे रही थीं। सत्र के शुरुआती दिनों में, विपक्षी दलों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने का प्रयास किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही में बार-बार बाधाएँ आईं। पहले दिन सदन में हंगामे के बीच राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट के बाद भी जीरो ऑवर और स्पेशल मेंशन की कार्यवाही चली।

सत्र के दूसरे दिन, विपक्ष ने संचार साथी ऐप की पहल को लेकर अपनी चिंताएँ ज़ाहिर कीं। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इस पहल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसके माध्यम से पूरे देश को एक जासूसी तंत्र में बदला जा रहा है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि किसी विदेशी हैकर या एजेंसी ने इस ऐप को हैक कर लिया, तो सभी नागरिकों का संवेदनशील डेटा लीक हो सकता है, क्योंकि सरकार ने इसे हर स्मार्टफोन में अनिवार्य रूप से अपलोड करने और डिलीट न किए जा सकने की हिदायत दी है।

इसके अतिरिक्त, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी जाति जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोलाष उन्होंने संसद में इस विषय पर अपने एक सवाल के जवाब को आधार बनाकर मोदी सरकार को घेरा और उनके रुख को देश के बहुजनों के साथ खुला विश्वासघात करार दिया। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार के पास न तो कोई ठोस रूपरेखा है, न समयबद्ध योजना, और न ही इस महत्वपूर्ण विषय पर जनता से संवाद या चर्चा की कोई इच्छा है।

उधर, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक और गंभीर मुद्दे को उठाया: फेक न्यूज़ और डीपफेक। उन्होंने लोकसभा में कहा कि फेक न्यूज़ भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि कुछ ऐसे इकोसिस्टम तैयार हो गए हैं जो भारतीय संविधान और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों का पालन नहीं करना चाहते। उन्होंने मजबूत कानूनी ढांचा बनाने और डीपफेक के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग को समय की आवश्यकता बताया।