रावलपिंडी के जेल में जीवित होने की पुष्टि के बाद नई जानकारी
रावलपिंडीः पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में कथित तौर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की खबरें सामने आई हैं। यह खुलासा उनकी बहन उजमा खानम ने उनसे जेल में मुलाकात करने के बाद किया। उजमा खानम ने मीडिया को बताया कि इमरान खान शारीरिक रूप से तो जीवित हैं, लेकिन उन्हें लगातार मानसिक यातना दी जा रही है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके भाई का मनोबल तोड़ने के लिए जेल के अंदर अमानवीय वातावरण और कठिन परिस्थितियाँ पैदा की गई हैं। यह आरोप पाकिस्तान की राजनीतिक और न्यायिक प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। इमरान खान को भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों के तहत जेल में बंद किया गया है, लेकिन उनके समर्थक और पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI), लगातार इन मामलों को राजनीति से प्रेरित बताकर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाते रहे हैं।
जेल के अंदर पूर्व प्रधानमंत्री के साथ कथित दुर्व्यवहार की खबरें देश के भीतर और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों के बीच चिंता का विषय बन गई हैं। इस मामले ने पाकिस्तान में राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्षी नेताओं के साथ जेल में किए जाने वाले व्यवहार पर एक सार्वजनिक बहस छेड़ दी है।
उजमा खानम की टिप्पणी ने खान के समर्थकों को आंदोलित किया है और वे उनकी तत्काल रिहाई और उनके अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह घटनाक्रम देश में राजनीतिक अस्थिरता और मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन के प्रति जनता के अविश्वास को और बढ़ा सकता है।