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IED ब्लास्ट में जख्मी आरक्षक दुर्गा से मिले विजय शर्मा, कहा – “बस्तर में बिछी हर IED इंसान और जानवर सबके लिए मौत का जाल”

रायपुर: सुकमा के गोगुंडा पहाड़ी पर हुए IED ब्लास्ट में महिला आरक्षक गंभीर रूप से जख्मी हो गई. जख्मी कांस्टेबल मुचाकी दुर्गा का हाल चाल लेने के लिए शनिवार को डिप्टी सीएम अस्पताल पहुंचे. आरक्षक मुचाकी दुर्गा का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. डिप्टी सीएम ने डॉक्टरों से कहा कि आरक्षक का बेहतर से बेहतर इलाज किया जाए. पीड़ित परिवार को भी हर संभव मदद देने के निर्देश डिप्टी सीएम ने दिए हैं.

विजय शर्मा ने कहा, बस्तर में जो आईईडी माओवादियों ने बिछाए हैं वो इंसान और जानवरों दोनों के लिए मौत का जाल है. विजय शर्मा ने कहा कि कोई इंसान ही इंसान की जान लेने पर उतारू है ये दुर्भाग्य की बात है. डिप्टी सीएम ने माओवादियों के इस कृत्य की निंदा भी की है. जख्मी दुर्गा के हौसले की तारीफ करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि आपके इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होगी.

डॉक्टरों ने बताया दुर्गा को खतरे से बाहर

गोगुंडा पहाड़ी पर एरिया डोमिनेशन के दौरान फटा था बम

महिला कांस्टेबल दुर्गा डीआरजी और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम के साथ गोगुंडा पहाड़ी पर एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन पर गई थी. एरिया डोमिनेशन के दौरान नक्सलियों के लगाए गए प्रेशर IED पर उसका पैर पड़ गया. धमाके में दुर्गा गंभीर रूप से जख्मी हो गई.

परिजनों से मुलाकात कर दिलाया पूरा भरोसा

उपमुख्यमंत्री ने दुर्गा की बड़ी बहन मुचाकी करुणा से भी मुलाकात की और शासन की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया. विजय शर्मा ने कहा कि “ऐसी वीर बहनों की हिम्मत को सरकार पूरे सम्मान के साथ देखती है, उनके साहस और सेवा के प्रति राज्य कृतज्ञ है.

कहीं नदी किनारे, कहीं तालाब के पास, कहीं सड़क किनारे, हर जगह IED बिछाई जा रही है. यह न इंसान को पहचानता है, न जानवर, न नागरिक और न ही सुरक्षा बलों को. पैर पड़ते ही धमाका होता है. कुछ लोग जो नक्सलियों का महिमामंडन करते हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि ऐसी घटनाओं को वे कैसे धर्मसंगत या न्यायसंगत कह सकते हैं: विजय शर्मा, डिप्टी सीएम

ब्लास्ट में मारा गया था भालू

विजय शर्मा ने कहा कि बीते दिनों बस्तर में एक मादा भालू अपने दो शावकों के साथ जा रही थी, तभी IED ब्लास्ट में उसका एक पैर उड़ गया और वहीं उसकी मृत्यु हो गई. शावक भी भूख से मर गए. विजय शर्मा ने कहा कि यही है नक्सलियों की असलियत, जिसे महिमामंडित करने वाले लोग देखना नहीं चाहते. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में ऐसा सिस्टम नहीं है जो 100% IED डिटेक्शन की गारंटी दे सके. कई तकनीकें हैं, कुछ मेटल डिटेक्ट करती हैं, कुछ एक्सप्लोसिव. लेकिन कितनी दूरी से और कितनी गहराई में यह हमेशा चुनौती रहती है. बस्तर के कठिन भूगोल में यह और मुश्किल हो जाता है.

बस्तर में तैयार सात मंजिला अस्पताल

विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में सात मंजिला आधुनिक अस्पताल बनकर तैयार है. हम इसे अगले महीने की 13 तारीख को शुरू कर देंगे. अब ऐसी परिस्थितियों में रायपुर एयरलिफ्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी, जब तक कोई विशेष परिस्थिति न हो. बस्तर में ही बेहतर इलाज व्यवस्था होगी.