सिवनी : शादियों में लग्जरी कार और हेलीकॉप्टर में दूल्हे की एंट्री दुल्हनों की विदाई का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है. ऐसा ही कुछ टाइगर रिजर्व में देखने को मिलेगा, जहां से एक बाघिन की विदाई सेना के हेलीकॉप्टर से की जाएगी. इस बाघिन के जाने से राजस्थान का एक टाइगर रिजर्व गुलजार हो जाएगा. बाघिन को शिफ्ट करने के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व की टीमें तैयारी में जुटी हैं.
बाघिन की विदाई की तैयारी शुरू
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया “राजस्थान और मध्यप्रदेश की टीमों ने मिलकर पेंच टाइगर रिज़र्व से एक बाघिन को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, बूंदी राजस्थान स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की है. पहले सभी कैमरा ट्रैप स्टेशनों की जांच की गई. हालांकि, कैमरा ट्रैप की सभी तस्वीरों में बाघिन की कोई नई गतिविधि नहीं दिखी. इसके बाद पूरे इलाके को 10-12 टीमों में बांटकर प्रत्येक टीम ने पगमार्क, क्षेत्रीय संकेत और बाघिन के मूवमेंट के रास्तों की तलाश शुरू की है.”
घने जंगलों में बाघिन की तलाशी शुरू
इसके अलावा, घने जंगलों और कठिन इलाके को खंगालने के लिए 4 हाथी दलों को भी तैनात किया गया ताकि कोई भी जगह छूट न जाए. पूरे दिन की मेहनत के बाद भी बाघिन का पता नहीं चला. खोज और निगरानी की यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी, जब तक बाघिन को सही तरीके से पकड़ कर राजस्थान भेजने के लिए तैयार नहीं कर लिया जाता. यह अभियान बहुत सावधानी, अच्छे तरीके से योजना बनाकर और दोनों राज्यों के बीच समन्वय से किया जा रहा है, ताकि बाघिन की सुरक्षा और संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके.
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की दुल्हन बनेगी बाघिन
राजस्थान में बाघों की नस्ल सुधारने के लिए मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व भेजने की प्रक्रिया हुई शुरू की गई है. एनटीसीए की अनुमति के बाद दोनों राज्यों के टाइगर रिजर्व के अधिकारी ट्रांसफर की तैयारी में जुट गए हैं. 1 दिसंबर से अखिल भारतीय बाघ गणना शुरू होने वाली है. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की कोशिश है कि इसके पहले इस प्रक्रिया को पूरी कर लिया जाए, ताकि बाघ गणना में इस बाघिन की काउंटिंग उनके टाइगर रिजर्व के हिस्से में आ सके.
सेना के हेलीकॉप्टर से होगी विदाई
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया “राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) से अनुमति मिलने बाद इस प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है. बाघिन को सेवा की हेलीकॉप्टर से पेंच टाइगर रिजर्व से राजस्थान के रामगढ़ विषधारी पेंच टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जाएगा ताकि यह सुरक्षित और कम समय में पहुंच सके. पहली बार पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन शिफ्ट की जा रही है. पहली बार बाघिन को भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर से सुरक्षित ट्रांसलोकेशन किया जाएगा, प्रयोग सफल रहा तो दूसरे टाइगर रिजर्व से भी बाघों के ट्रांसफर करने के लिए ये फायदेमंद साबित होगा.