Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rewa Crime News: शव वाहन में हो रही थी बकरियों की तस्करी; रीवा पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़, ड्रा... Jabalpur Lokayukta Action: जमीन सीमांकन के बदले 80 हजार की घूस लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार; लोकायु... Ujjain-Jhalawar Fourlane: सिंहस्थ-2028 से पहले बदलेगी उज्जैन-राजस्थान की राह; 2721 करोड़ के फोरलेन प... Bhopal Fraud News: पुराने नोट बेचने के चक्कर में महिला ने गंवाए 1.91 लाख रुपये; जानें कैसे ठगों ने ब... Ujjain Development News: महाकाल महालोक के बाद बदली उज्जैन की तस्वीर; आध्यात्मिक राजधानी से अब 'विकास... MP Tax Evasion: कर चोरी और फर्जी बिलिंग पर लगाम; एमपी सरकार का नया डिजिटल मॉड्यूल, अब नागरिक सीधे कर... Tvisha Sharma Death Case: भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की गुत्थी; सीबीआई क्राइम सी... Morena News: हाथ बांधकर नदी में कूदा प्रेमी युगल; सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, जानें क्या है पूर... MP Transport News: मध्यप्रदेश में अब 7 क्षेत्रों में होगा बस संचालन; मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की... Jabalpur Water Tank Scam: जल जीवन मिशन की खुली पोल; 3 करोड़ की टंकी पहली बार भरते ही हुई छलनी, ग्राम...

उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव! योगी सरकार का निर्देश- जन्मतिथि के प्रमाण के लिए आधार कार्ड अब मान्य नहीं, प्रशासनिक स्तर पर हलचल

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आधार कार्ड को लेकर एक अहम फैसला लिया है. अब प्रदेश के किसी भी सरकारी विभाग में आधार कार्ड को जन्म तिथि (Date of Birth) के प्रामाणिक प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगाराज्य के नियोजन विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों और मंडलायुक्तों को स्पष्ट कार्यकारी आदेश जारी कर दिया है.

आदेश में कहा गया है कि भविष्य में किसी भी भर्ती, प्रमोशन, पेंशन या अन्य सरकारी कार्यों में जन्म तिथि सत्यापन के लिए आधार कार्ड को वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा. यह फैसला भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के 31 अक्टूबर 2025 को जारी उस अहम पत्र के बाद आया है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि आधार कार्ड में दर्ज जन्म तिथि ज्यादातर मामलों में अनुमानित (Approximate/Declared) होती है और इसे जन्म तिथि का प्रामाणिक प्रमाण नहीं माना जा सकता.

अब कौन-कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?

UIDAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए आधार को सिर्फ पहचान और पता प्रमाण के रूप में ही इस्तेमाल करने को कहा था. अब सवाल है कि फिर कौन से दस्तावेज मान्य होंगे? सरकार ने स्पष्ट किया है कि जन्म तिथि के प्रमाण के लिए अब हाई स्कूल या समकक्ष परीक्षा की अंकतालिका/प्रमाण पत्र (Mark sheet/certificate of equivalent examination), नगर निगम/ग्राम पंचायत द्वारा जारी गया जन्म प्रमाण पत्र (birth certificate), पासपोर्ट, सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवा पुस्तिका (service manual) दस्तावेज ही मान्य होंगे.

कर्मचारियों और नई भर्तियों पर असर

इस फैसले से सबसे ज्यादा असर उन लाखों सरकारी कर्मचारियों और नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं पर पड़ेगा जो अब तक आधार कार्ड को सबसे आसान और त्वरित विकल्प मानते थे. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां जन्म प्रमाण पत्र बनवाना आज भी चुनौती है, वहां लोगों को परेशानी हो सकती हैहालांकि, सरकार का कहना है कि यह कदम दस्तावेजों की प्रामाणिकता (authenticity) बनाए रखने और धोखाधड़ी रोकने के लिए जरूरी था.