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पटवारी का ID-पासवर्ड निकालकर भुइंया पोर्टल से छेड़छाड़, बैंक से फर्जी तरीके से लिया 36 लाख का लोन, 7 गिरफ्तार

दुर्ग: भुइयां पोर्टल में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से बैंक से 36 लाख रुपए लोन लिया गया. लोन लेने के बाद दूसरों के खातों में रुपए भी ट्रांसफर कर दिए. जब मामला तहसीलदार तक पहुंचा तो इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई और फिर अपराध दर्ज कर पुलिस ने 7 आरोपियों को पकड़ा है. इनमें नाबालिग भी है.

कैसे की गड़बड़ी: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक झा ने बताया कि प्रार्थी तहसीलदार राधेश्याम वर्मा तहसील कार्यालय अहिवारा में पदस्थ हैं. 13 अगस्त को उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई कि पटवारी हल्का नंबर 16 के ग्राम अछोटी और मुरमुंदा के भुइयां सॉफ्टवेयर को अज्ञात आरोपियों ने हैक किया है.

लोन लेकर किया घोटाला: हैक कर आरोपियों ने मूल खसरा नंबर और रकबा बदलकर नए खसरा नंबर बनाकर उनका दुरुपयोग किया. इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर SBI नंदिनी नगर ब्रांच से 30–36 लाख का लोन ले लिया गया.

जांच में क्या मिला?: पुलिस जांच में सामने आया कि जमीनों में छेड़छाड़ मुरमुंदा, अछोटी, बोरसी और चेटूया गांवों की भूमि में की गई थी. आगे जांच में पता चला कि आरोपी दीनुराम यादव ने फर्जी कागज़ात बनवाकर 36 लाख रुपये निकाले.

लोन की राशि अलग–अलग खातों में तुरंत भेजी गई, जिसमें से 20.26 लाख रुपए नंदकिशोर साहू के खाते में गए.- अभिषेक झा, ASP

पोर्टल हैक कैसे किया गया?: पटवारी के सहायक रहे एक नाबालिग को आरोपी संजय वर्मा ने बहला–फुसलाकर पटवारी का यूजर आईडी, पासवर्ड और OTP हासिल कर लिया. आरोपी इन लॉगिन डिटेल्स का उपयोग कर ऑनलाइन जमीन की जानकारी बदलते थे।

मुख्य साजिशकर्ता कौन?: पूछताछ में सामने आया कि अशोक उराव (जांजगीर–चांपा) लॉगिन डिटेल्स उपलब्ध कराता था. उसने बताया कि रायपुर निवासी कोमल साहू के माध्यम से कौशल फेकर, ओमप्रकाश निषाद, देवानंद साहू, शिवचरण कौशल को भुइयां सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर खोजकर दिए गए. आरोपी शिवचरण कौशल पर पहले भी इसी तरह के मामले दर्ज हैं.

अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार?: पुलिस ने इस संगठित अपराध में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, पहले से गिरफ्तार आरोपियों में एन.के. साहू, अमित कुमार मौर्य और गणेश प्रसाद तम्बोली शामिल हैं. इसके बाद अशोक उराव समेत अन्य आरोपी पकड़े गए.