युद्धविराम की शर्तों पर प्रतिक्रिया देने में विलंब के बीच हमला
कियेबः रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में एक और भयावह मोड़ आया है, जब रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर ड्रोन और ग्लाइडर बमों का इस्तेमाल करते हुए अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। रिपोर्टों के अनुसार, रूसी सेना ने यूक्रेन के ठिकानों पर 1,050 से अधिक ड्रोन और 1,000 ग्लाइडर बमों से हमला किया, जो युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे बड़ी और सबसे तीव्र हवाई कार्रवाई थी। इस भारी बमबारी के परिणामस्वरूप, जिसमें कई नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, 33 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें दुखद रूप से छह बच्चे भी शामिल हैं।
यह हमला दर्शाता है कि रूस अपनी सैन्य रणनीति में हवाई श्रेष्ठता और बड़े पैमाने पर हमले की रणनीति का उपयोग कर रहा है। ग्लाइडर बम, जो लंबी दूरी से छोड़े जाते हैं और सटीक निशाना साधते हैं, यूक्रेन के रक्षा प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं। नागरिक हताहतों की उच्च संख्या अंतर्राष्ट्रीय युद्ध अपराधों पर चिंता बढ़ाती है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति और अन्य अधिकारियों ने इस बर्बर हमले की कड़ी निंदा की है और अपने सहयोगियों से वायु रक्षा प्रणालियों की तत्काल और बड़ी मात्रा में आपूर्ति का आग्रह किया है। यह हमला सर्दियों के आगमन से ठीक पहले हुआ है, जिससे ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को और अधिक नुकसान पहुँचाने का खतरा है।
पश्चिमी देशों ने एक बार फिर रूस पर प्रतिबंधों को कड़ा करने और यूक्रेन को और अधिक सैन्य सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया है। इस युद्ध का मानवीय टोल लगातार बढ़ रहा है, और यह नवीनतम हमला इस बात का संकेत है कि निकट भविष्य में इस संघर्ष के समाप्त होने की कोई संभावना नहीं है। इस हमले ने यूक्रेन के लोगों में दहशत और भय पैदा कर दिया है, खासकर बच्चों के माता-पिता में, जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस हमले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।