Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आईएसआईएल से जुड़े आतंकी मॉड्यूल को धर दबोचा Deep Narayan Singh Yadav: सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव की बढ़ी मुश्किलें, लखनऊ-झांसी में... Narmada Award Dispute: 4 राज्यों के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता, अमित शाह की मौजूदगी में सुलझा सालों पुर... Alliance Reality Show: कुशाल टंडन से भिड़ीं उर्फी की बहन डॉली जावेद, शो में मचा बवाल पैसे और धमकियों से प्रवासियों को खपा रहा अमेरिका Monsoon Car Care Tips: बारिश में अपनी कार को जंग और हादसों से कैसे बचाएं? अपनाएं ये आसान टिप्स Ram Mandir Trust: SBI खातों के संचालन के लिए 3 सदस्यीय समिति गठित, बिना हस्ताक्षर नहीं निकलेगा पैसा होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर मिसाइल हमला चीन का सबमरीन-लॉन्च मिसाइल परीक्षण बारिश का कहर बांग्लादेश के रोहिंग्या  शरणार्थी शिविरों पर

बिरसा की जीवंत आदिवासी संस्कृति सराहनीयः नरेंद्र मोदी

झारखंड स्थापना दिवस पर भगवान बिरसा को श्रद्धांजलि दी

  • एक्स पर अपनी बात विस्तार से रखी

  • झारखंड के लोगों को स्थापना दिवस की बधाई

  • विदेशी शासन के खिलाफ बलिदान यादगार रहेगा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को झारखंड के 25वें स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने झारखंड की जीवंत आदिवासी संस्कृति की सराहना की और महान स्वतंत्रता सेनानी तथा आदिवासी नायक बिरसा मुंडा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, झारखंड के स्थापना दिवस पर, मैं जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध इस गौरवशाली भूमि के लोगों को बधाई देता हूं। उन्होंने इस अवसर पर राज्य के सभी परिवारों की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर 15 नवंबर को झारखंड राज्य का गठन हुआ था। यह तिथि संयोगवश आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा की जयंती के साथ मेल खाती है। प्रधान मंत्री ने बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। देश भर में यह दिन जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है।

बिरसा मुंडा का जन्म 1875 में वर्तमान झारखंड में हुआ था। उन्होंने ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और साम्राज्य के खिलाफ आदिवासियों को एकजुट करने का महत्वपूर्ण काम किया। मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, मैं महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को उनकी 150वीं जयंती पर नमन करता हूं। विदेशी शासन के अन्याय के विरुद्ध उनका संघर्ष और बलिदान हमारी हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश राज के खिलाफ मुंडा विद्रोह का नेतृत्व किया था। आदिवासी अधिकारों और स्व-शासन के लिए उनका संघर्ष उन्हें स्वदेशी समुदायों के लिए प्रतिरोध और सशक्तिकरण का प्रतीक बनाता है। मात्र 25 वर्ष की युवा आयु में ब्रिटिश हिरासत में उनका निधन हो गया था, लेकिन उनकी विरासत आज भी प्रेरणास्रोत बनी हुई है।