बिहार विधानसभा के चुनाव पर पीके की अपनी सोच
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प्रवासी मजदूरों पर ही पार्टी को भरोसा
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महिलाओँ का वोट भी असर डालेगा
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लोगों में एक उम्मीद की किरण जगी
राष्ट्रीय खबर
पटनाः जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि बिहार विधानसभा चुनावों में इस बार प्रवासी मज़दूर एक्स फैक्टर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि छठ पर्व के लिए घर लौटे प्रवासी अभी तक अपने काम की जगह पर वापस नहीं गए हैं। यह दावा पहले चरण में रिकॉर्ड 64.66 प्रतिशत मतदान के एक दिन बाद आया, जिसे विभिन्न सर्वेक्षणों के अनुसार, उनकी नवगठित पार्टी जन सुराज के लिए प्रवासी समुदाय का समर्थन माना जा रहा है।
पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार किशोर ने कहा, आज़ादी के बाद से सबसे अधिक मतदान इस बात की पुष्टि करता है कि बिहार में बदलाव की बहुत प्रबल इच्छा है, जहाँ लोग लगभग 30 वर्षों से राजनीतिक दलदल में फँसे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि अब लोगों में आशा की एक किरण जगी है क्योंकि उनकी एक साल पुरानी पार्टी एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में उभरी है।
2005 से सत्ता में रहे एनडीए पर निशाना साधते हुए जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा कि इन लोगों ने सोचा था कि वे महिलाओं को कुछ सरकारी योजनाओं की पेशकश करके जीत सकते हैं। हाँ, महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया, लेकिन इस चुनाव में प्रवासी ही एक्स फैक्टर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, पर्व के लिए घर लौटने के बाद वे यहीं रुक गए हैं और अपने परिवार के सदस्यों को बाहर जाकर वोट डालने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनका प्रभाव देखने लायक होगा।