प्रधानमंत्री मोदी 25 नवंबर को करेंगे ध्वजारोहण
-
ट्रस्ट ने औपचारिक तौर पर न्योता दिया
-
नृपेंद्र मिश्रा ने कार्यक्रम की जानकारी दी
-
चौदह छोटे मंदिरों का काम भी पूरा हुआ
राष्ट्रीय खबर
लखनऊः अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का वर्षों पुराना स्वप्न अब पूर्णता को प्राप्त हो चुका है। आस्था और राष्ट्रीय गौरव के इस ऐतिहासिक क्षण को चिह्नित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं 25 नवंबर को मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कर राम मंदिर निर्माण के पूर्ण होने की आधिकारिक घोषणा करेंगे। यह घोषणा सिर्फ एक भवन के निर्माण की समाप्ति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और दृढ़ संकल्प की विजय का प्रतीक होगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने इस भव्य और ऐतिहासिक समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया है। प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण तिथि पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है। यह कार्यक्रम पूरे देश और विश्व के रामभक्तों के लिए एक अत्यंत हर्ष और संतोष का अवसर होगा। 25 नवंबर को अयोध्या में मुख्य मंदिर पर ध्वजारोहण किया जाएगा, जिसके साथ ही मंदिर निर्माण के संपूर्ण होने का संदेश विश्वभर में पहुंचेगा।
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस बात की पुष्टि की है और बताया है कि प्रधानमंत्री का ध्वजारोहण करना इस बात का संकेत होगा कि मुख्य मंदिर और परिसर में अन्य सभी संबंधित संरचनाओं का निर्माण अब पूरा हो चुका है। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम एक तरह से भक्तों के लिए मंदिर परिसर को पूर्ण रूप से खोले जाने की घोषणा होगी। प्रधानमंत्री की उपस्थिति इस समारोह को एक राष्ट्रीय महत्व और अंतरराष्ट्रीय पहचान प्रदान करेगी।
राम मंदिर निर्माण एक चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ है। इसका पहला चरण जनवरी 2024 में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ पूरा हुआ था, जब भव्य मंदिर के गर्भगृह में राम लला की मूर्ति स्थापित की गई थी। उस समय तक मंदिर की पहली मंजिल का निर्माण भी पूरा हो चुका था, जिसके बाद मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया गया था। अब, 2025 में, मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण को पार कर चुका है।
वर्तमान में, मंदिर के दूसरे तल पर विभिन्न भाषाओं में रामायण की कथा को कलाकृतियों के माध्यम से खूबसूरती से उकेरा गया है, जो दर्शनार्थियों को भगवान राम के जीवन और उनके आदर्शों से जोड़ेगा। इसके अतिरिक्त, मुख्य मंदिर के चारों ओर कुल 14 छोटे मंदिरों का निर्माण भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इन सभी उप-मंदिरों का निर्माण कार्य भी संपन्न हो गया है, जिससे यह पूरा परिसर एक भव्य तीर्थ केंद्र के रूप में विकसित हो गया है।
मंदिर परिसर को जल्द ही पूर्ण रूप से दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से, अयोध्या स्थित राम मंदिर में अब तक लगभग सात करोड़ श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो इस मंदिर के प्रति देश और दुनिया के लोगों की अगाध आस्था को दर्शाता है। 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण समारोह, एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक होगा, जहां करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र यह भव्य राम मंदिर, पूर्ण रूप से विश्व पटल पर स्थापित हो जाएगा।