Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की तैयारी ममता का अल्टिमेटम: "अगर हमारे अधिकार छीने तो हम भी चैन से बैठने नहीं देंगे", ED की रेड को बताया रणनी... धामी सरकार का बड़ा फैसला! अंकिता हत्याकांड की गुत्थी अब सुलझाएगी CBI, 'VIP' के नाम से उठेगा पर्दा MP पुलिस की 'खाकी' पर खून के दाग! 5 लाख की वसूली और टॉर्चर से तंग आकर युवक ने दी जान, सुसाइड नोट में... के. लक्ष्मण संभालेंगे मोर्चा! ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कटने से बढ़ी टेंशन, बीजेपी ने बनाया 'इलेक्श... दहशत में वैशाली! बीजेपी नेता के भाई की संदिग्ध मौत, कमरे का नजारा देख कांप उठी रूह; हत्या या आत्महत्... LAC और LOC पर 'अदृश्य' पहरा: सेना के बेड़े में शामिल हुआ सोलर ड्रोन, हफ्तों तक आसमान से करेगा दुश्मन... रेत माफिया पर ED का 'सर्जिकल स्ट्राइक': कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता ... ED की रेड में पुलिस का 'एक्शन': जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया- बंगाल में कानून का नहीं, 'दबाव' का चल... केजरीवाल ने जनता को ठगा!" मंत्री आशीष सूद का विस्फोटक दावा, बताया किन 3 वादों पर बोले गए सबसे बड़े झ...

चुनाव आयोग की पूर्ण टीम की राजनीतिक दलों के साथ चर्चा

बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व ईसीआई की कार्रवाई

  • तीनों चुनाव आयुक्त यहां मौजूद थे

  • मान्यताप्राप्त दलों से साथ बात-चीत

  • पारदर्शिता बढ़ाने के उपायों पर संतुष्ट

राष्ट्रीय खबर

पटना: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की एक महत्वपूर्ण बैठक पटना में संपन्न हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस चर्चा में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी, साथ ही बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल तथा आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में बिहार के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

ईसीआई ने राजनीतिक दलों के साथ चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सफल बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया। आयोग ने सभी दलों को जनतंत्र की आधारशिला बताते हुए उनसे अपील की कि वे पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया के हर चरण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। आयोग ने जोर देकर कहा कि “चुनाव के पर्व को सौहार्द से मनाएं” और मतदाताओं का सम्मान करें।

प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा रखे गए मुख्य मुद्दे और सुझाव:

बैठक के दौरान राजनीतिक दलों ने आयोग के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें और सुझाव रखे। राजनीतिक दलों ने मांग की कि राज्य में मतदाताओं की भागीदारी को अधिकतम करने के लिए विधानसभा चुनाव छठ पूजा के तुरंत बाद आयोजित कराए जाएं। साथ ही, उन्होंने चुनाव को कम से कम चरणों में संपन्न कराने का भी सुझाव दिया।

सभी दलों ने मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए ईसीआई द्वारा उठाए गए एसआईआर जैसे पारदर्शी और दृढ़ कदमों की सराहना की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया के प्रति अपनी पूरी निष्ठा और विश्वास दोहराया। वैसे सार्वजनिक तौर पर कई नेताओं ने चुनाव आयोग के इस एसआईआर की रिपोर्ट पर संदेह व्यक्त किया है और आयोग से हर विषय पर अधिक पारदर्शी तरीके से जानकारी सांझा करने की बात कही है।

राजनीतिक दलों ने मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाताओं की संख्या निर्धारित करने के आयोग के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। ईसीआई ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव की पारदर्शिता का अनुभव करने का आह्वान किया और उन्हें याद दिलाया कि वे हर बूथ पर अपने पोलिंग एजेंट नामित करना न भूलें।

राजनीतिक दलों ने हाल ही में ईसीआई द्वारा उठाए गए कई नए और महत्वपूर्ण कदमों की व्यापक रूप से सराहना की। इनमें पोस्टल वोटों की गिनती से संबंधित नए प्रावधान और फॉर्म 17सी से जुड़े नियमों में पारदर्शिता शामिल है, जिनका उद्देश्य चुनाव को और अधिक विश्वसनीय बनाना है। पोस्टल बैलेट का मामला अदालत में भी फंस गया है क्योंकि हरियाणा की एक सीट में करीब डेढ़ सौ पोस्टल बैलेटों की गिनती नहीं किये जाने की जानकारी सार्वजनिक हुई है।

निष्कर्ष में, सभी उपस्थित दलों ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूरी तरह से पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। यह बैठक बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में राजनीतिक दलों और ईसीआई के बीच सकारात्मक संवाद और समन्वय स्थापित करने में सफल रही।