आर्थिक अपराधी के प्रत्यावर्तन को लेकर बेल्जियम को भरोसा
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जेल के बैरक की जानकारी दी गयी है
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कैदी की सुरक्षा और देखभाल का भरोसा
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उसे देश में वापस लाने की प्रक्रिया की कार्रवाई
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में वांछित व्यवसायी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के संबंध में बेल्जियम को एक औपचारिक आश्वासन पत्र भेजा है। गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा भेजे गए इस पत्र में चोकसी को भारत में हिरासत में रखे जाने की शर्तों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
यह कदम बेल्जियम के न्यायिक अधिकारियों द्वारा उठाई गई मानवाधिकार संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए उठाया गया है। पत्र में मुंबई की आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 को चोकसी के लिए निर्धारित स्थान के रूप में निर्दिष्ट किया गया है। यह बैरक विशेष रूप से आर्थिक और सफेदपोश अपराधों के आरोपी कैदियों के लिए है और इसे भीड़भाड़, हिंसा और जबरन वसूली से मुक्त बताया गया है।
भारत ने इस पत्र में चोकसी के लिए निम्नलिखित मानवीय और सम्मानजनक सुविधाओं का आश्वासन दिया है। बैरक की क्षमता छह व्यक्तियों की है और इसमें सोने के लिए साफ़ चटाई, तकिया, चादर और कंबल उपलब्ध होंगे। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सलाह पर लकड़ी या धातु का बिस्तर भी दिया जा सकता है।
बैरक में संलग्न शौचालय और स्नानघर की सुविधा है। नियमित सफाई और कीटनाशक छिड़काव भी किया जाएगा। तीन समय का पर्याप्त भोजन मिलेगा और चिकित्सा अनुमोदन पर विशेष आहार की व्यवस्था भी होगी। जेल में चौबीसों घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, जिसमें 20 बिस्तरों का अस्पताल भी शामिल है।
आपात स्थिति में पास के सर जे.जे. अस्पताल में भेजा जा सकता है। चोकसी की पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा और आवश्यक उपचार मुफ्त में प्रदान किया जाएगा। रोजाना बाहरी व्यायाम, इंडोर मनोरंजन जैसे बोर्ड गेम, बैडमिंटन और योग की सुविधा भी होगी। कैदियों को पुस्तकालय तक भी पहुँच दी जाएगी।
पत्र में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि बैरक नंबर 12 की सीसीटीवी कैमरे और जेल कर्मचारियों द्वारा लगातार निगरानी की जाएगी। चोकसी को अपने वकीलों से प्रतिदिन और रिश्तेदारों से साप्ताहिक रूप से मिलने की अनुमति होगी।
गृह मंत्रालय ने इस आश्वासन को एक संप्रभु प्रतिबद्धता बताया है, जिसे भारतीय कानून के तहत बदला नहीं जा सकता। इसमें यह भी कहा गया है कि जेल प्रशासन, मानवाधिकार आयोगों और न्यायिक पर्यवेक्षण के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकता है।