Breaking News in Hindi

आतंकी हमले में कमसे कम 55 लोग मारे गये

आईएस समर्थित बोको हरम का दारुल जमा पर हमला

दारुल जमाः नाइजीरिया के पूर्वोत्तर राज्य में शुक्रवार रात को हुए एक दिल दहला देने वाले हमले में जिहादियों ने कम से कम 55 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। यह हमला दारुल जामा नामक शहर में हुआ, जो कैमरून की सीमा से सटा हुआ है और यहाँ नाइजीरियाई सेना का एक महत्वपूर्ण अड्डा भी है। इस घटना ने एक बार फिर इस क्षेत्र में आतंकवाद के खतरे को उजागर कर दिया है, जो पिछले कुछ वर्षों में शांत होता दिखाई दे रहा था।

इस हमले की जानकारी एक सरकारी एजेंसी और एक सुरक्षा सेवा अधिकारी ने दी। उन्होंने बताया कि मृतकों में पाँच सैनिक भी शामिल हैं, जो आतंकियों का मुकाबला करते हुए शहीद हुए। हालांकि, सरकार समर्थक एक स्थानीय मिलिशिया कमांडर ने मृतकों की संख्या छह बताई है। यह हमला बोको हराम के एक गुट द्वारा किया गया माना जा रहा है, जिसका नेतृत्व अली न्गुल्डे करता है और जिसका इस क्षेत्र पर नियंत्रण है।

यह घटना नाइजीरिया के लिए एक बड़ा झटका है। वर्ष 2013-15 के दौरान बोको हराम के साथ हुए खूनी संघर्ष के बाद से देश में जिहादी हिंसा में काफी कमी आई थी। हालांकि, इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस जैसे अन्य गुट अभी भी पूर्वोत्तर प्रांतों के ग्रामीण इलाकों में छोटे-मोटे हमले करते रहते हैं, लेकिन यह हमला उनकी क्रूरता और क्षमता को फिर से दर्शाता है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने इस भयानक रात का वर्णन करते हुए बताया कि हमलावर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए और उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। शहर की गलियों में चीख-पुकार और बंदूकों की आवाजें गूंज रही थीं। दहशत में लोग अपने घरों को छोड़कर भागने लगे। मलम बाउकर, जो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर भागे, ने बताया, जब हम वापस लौटे, तो हर जगह लाशें बिखरी पड़ी थीं।

इस हमले में मारे गए कई परिवार वे थे, जो हाल ही में दारुल जमा आए थे। वे लोग विस्थापितों के लिए बनाए गए एक शिविर में रह रहे थे, जिसे सरकार ने इसी साल बंद कर दिया था। जिहावा नामक एक व्यक्ति ने, जिसने अपने भाई को खो दिया, दुख व्यक्त करते हुए कहा, सरकार ने हमें यहाँ सुरक्षित रहने का आश्वासन दिया था।

अब, हमारे अपने लोग एक बार फिर से बेघर हो गए हैं। यह घटना न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि यह विस्थापितों और स्थानीय लोगों के बीच सरकार पर विश्वास को भी हिला सकती है। सरकार को इस हमले के दोषियों को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों और लोगों को अपने घरों में सुरक्षित महसूस हो।