Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
समुद्री प्लास्टिक और मछली जाल से बन रही सड़क, देखें वीडियो Physical Intelligence in India: भारत में आई नई तकनीक, MEIL और Analog की साझेदारी से बदलेगा इंफ्रास्ट... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर पुलिस पर उठे सवाल, हत्या के नामजद आरोपी अधिकारी को मिली नई जिम्मेदार... Voter List Revision: मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) पर मौलाना अरशद मदनी ने जताई चिंता, प्रक्रिया पर ... Karnataka High Court: वकील के साथ मारपीट करने वाली महिला PSI पर कोर्ट सख्त, लगाया 1 लाख का जुर्माना Supaul News: बिहार के सुपौल में मानवता शर्मसार, 1 साल तक कमरे में बंद रही नाबालिग बच्ची; मां को बेचन... Supreme Court PIL: डिजिटल कंटेंट के लिए रेगुलेटरी सिस्टम की मांग, '₹370 की बिरयानी' विवाद पर सुप्रीम... CM Dr. Mohan Yadav in Seoni: सिवनी को मिली 494 करोड़ की सौगात, सीएम यादव ने बांटे कोदो-कुटकी बोनस Jaunpur News: दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के एक लाख के इनामी आरोपी भोले राजभर ने किया सरेंडर Monsoon Update: 'अल नीनो' के खतरे पर पीएम मोदी सख्त, राज्यों को पानी बचाने और आपदा प्रबंधन के लिए कि...

वसुंधरा राजे की मोहन भागवत से अलग भेंट

भाजपा की राजनीति को लेकर राजनीतिक गलियारे में हलचल

राष्ट्रीय खबर

जयपुरः राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के साथ जोधपुर में बंद कमरे में हुई मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। जोधपुर के दो दिवसीय दौरे पर आईं सुश्री राजे ने जैसलमेर के पास रामदेवरा मंदिर जाते समय लाल सागर इलाके में स्थित आदर्श विद्या मंदिर में श्री भागवत से मुलाकात की।

यह मुलाकात लगभग 20 मिनट तक चली। बैठक में क्या हुआ – क्या उन्होंने राजनीति पर चर्चा की या कुछ और – यह अभी तक ज्ञात नहीं है क्योंकि उनके करीबी सहयोगी, जैसे पूर्व जिला अध्यक्ष भोपाल सिंह बड़ला, पूर्व राजसिको अध्यक्ष मेघराज लोहिया, घनश्याम वैष्णव और अन्य नेता भी बैठक कक्ष में मौजूद नहीं थे।

श्री भागवत 5-7 सितंबर को आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों की अखिल भारतीय समन्वय बैठक के लिए जोधपुर में हैं, जिसमें आरएसएस से जुड़े 32 संगठनों के लगभग 300 वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।

आरएसएस प्रमुख से मुलाकात के बाद, सुश्री राजे ने जोधपुर में दो मंदिरों, सूरसागर स्थित बड़ा रामद्वारा और राइका बाग स्थित जुगलजोड़ी मंदिर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने सेनापति अचलानंद गिरि महाराज से मुलाकात की। उन्होंने पोखरण के पास रामदेवरा मंदिर के भी दर्शन किए।

सुश्री राजे हाल ही में धौलपुर में एक कथा के दौरान अपने वनवास वाले बयान को लेकर चर्चा में थीं। उन्होंने कहा था, वनवास हर किसी के जीवन में आता है, लेकिन यह स्थायी नहीं होता। यह आता-जाता रहता है; व्यक्ति को संयमित रहना चाहिए। इससे राजनीतिक हलचल मच गई थी।

भाजपा नेता के आज मंत्री सुरेश रावत के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए पुष्कर और अजमेर जाने की उम्मीद है। इससे पहले भाजपा मार्गदर्शक मंडल के सदस्य डॉ मुरली मनोहर जोशी ने भी संघ की बैठक में देश की आर्थिक स्थिति को लेकर अपने विचार व्यक्त किये हैं। जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि मोदी सरकार के फैसलों से देश की आर्थिक हालत सही नहीं है और अनेक फैसले संघ की मूल भावना के खिलाफ गयी है।