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वोटर अधिकार यात्रा का असर अब दिखने लगा है

नालंदा में मंत्री श्रवण कुमार को खदेड़ा गया

  • मंगल पांडेय को भी दौड़ाया गया था

  • मंत्री के काफिले पर पथराव भी किया

  • तेजस्वी ने इन घटनाओँ पर चुटकी ली

राष्ट्रीय खबर

पटनाः बिहार के नालंदा जिले के मलावन गांव में उस समय तनाव का माहौल पैदा हो गया, जब एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 9 लोगों के परिवारों से मिलने पहुंचे मंत्री श्रवण कुमार पर गुस्साए ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंत्री श्रवण कुमार और उनके साथ मौजूद स्थानीय विधायक, पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने गांव पहुंचे थे। उन्होंने परिवारों से मुलाकात की, लेकिन जब वे वापस जाने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और उनसे कुछ देर और रुकने का आग्रह किया। मंत्री के इनकार करने पर ग्रामीण भड़क गए।

ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि सड़क हादसे के बाद उन्हें उचित मुआवजे का वादा किया गया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली थी। आक्रोशित लोगों ने मंत्री के काफिले पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद मंत्री और विधायक को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा।

इस हमले में मंत्री का एक बॉडीगार्ड घायल हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल को तुरंत मौके पर भेजा गया और पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया।

यह घटना दर्शाती है कि जनता में अपने प्रतिनिधियों के प्रति कितना गुस्सा और निराशा है, खासकर जब उन्हें लगता है कि उनके वादों को पूरा नहीं किया जा रहा है। यह अकेला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले ही, पटना में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर भी इसी तरह का हमला हुआ था, जब अटल पथ पर गुस्साए लोगों ने उनके काफिले की गाड़ियों पर हमला कर दिया था। इस घटना में गाड़ियों के शीशे तक टूट गए थे।

इन घटनाओं पर विपक्षी दल, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मंत्री जनता की परेशानियों के प्रति असंवेदनशील और अहंकारी हैं।

उन्होंने इन हमलों को मंगलराज का हिस्सा बताया, जहां सत्ताधारी दल के गुंडों द्वारा घर में घुसकर लोगों को मारा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘अचेत और बेसुध’ बताते हुए कहा कि जब अपराधी प्रवृत्ति के लोग पुलिस को नियंत्रित करेंगे, तो कानून-व्यवस्था की दुर्गति होना तय है।

ये दोनों घटनाएं सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती हैं और यह दिखाती हैं कि अगर जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो उनका गुस्सा कभी भी हिंसक रूप ले सकता है। सरकार को जनता के बीच विश्वास बहाल करने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान निकालने की जरूरत है।