निजी हमलों की संघ ने कड़ी निंदा कर दी
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आईएएस संघ ने भी दी चेतावनी
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वोट चोरी के आरोप से बेचैनी बढ़ी
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रिटायरमेंट के बाद कार्रवाई से भय
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भारतीय प्रशासनिक सेवा संघ के बीच चल रही तनातनी में एक नया मोड़ आया है। आईएएस संघ ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके परिवार पर हो रहे निजी हमलों की कड़ी निंदा की है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान में हेराफेरी करने का आरोप लगाया।
रविवार को, आईएएस संघ ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, हम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके परिवार के खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे अनुचित शब्दों और व्यक्तिगत हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि उनके राष्ट्र के प्रति समर्पण और योगदान का सम्मान करें।
राहुल गांधी का आरोप है कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान वोट चोरी और धोखाधड़ी की जा रही है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए राहुल गांधी से या तो अपने दावों के समर्थन में हलफनामा पेश करने या देश से माफी मांगने की मांग की है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानेश कुमार ने कहा, दोहरी वोटिंग और वोट चोरी के आरोप बिल्कुल निराधार हैं। यह हमारे संविधान का अपमान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में चल रहा एसआईआर अभ्यास मतदाता सूची में मौजूद कमियों को ठीक करने के लिए है और राजनीतिक दल गलत जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
कांग्रेस सहित विपक्षी दल चुनाव आयोग पर निष्पक्षता से काम न करने का आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर को लेकर उनके सवालों का जवाब नहीं दिया और बीजेपी प्रवक्ता की तरह व्यवहार किया। राहुल गांधी ने रविवार को फिर से दोहराया कि चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव जीतने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के काम में गड़बड़ी की जा रही है।
दूसरी तरफ जानकार यह मान रहे हैं कि दरअसल राहुल गांधी का वह बयान ज्यादा भय पैदा कर गया है, जिसमें उन्होंने सरकार बदलने की स्थिति में वर्तमान और पूर्व चुनाव आयुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की खुली चेतावनी दी है। आम तौर पर ऐसे अवसरों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर एक दूसरे का पूरा सहयोग करते हैं। ऐसे में इस चेतावनी की आंच में दूसरे अफसर भी नहीं आये, इसकी पहले से तैयारी की जा रही है।