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आरोप और सुप्रीम कोर्ट के झटकों के बाद अब सक्रियता दिखी

चुनाव आयोग आज करेगा प्रेस कांफ्रेंस

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय चुनाव आयोग 17 अगस्त को दोपहर 3 बजे नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) और चुनाव आयोग पर लग रहे आरोपों पर सफाई दी जा सकती है। आमतौर पर, चुनाव आयोग ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ़ चुनाव की तारीख़ों की घोषणा के लिए ही करता है, इसलिए यह एक असामान्य घटना है।

कई दिनों से भारतीय चुनाव आयोग पर मतदाता डेटा में हेरफेर करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा में वोट चोरी का दावा किया है। उन्होंने कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर एक लाख से ज़्यादा फ़र्ज़ी वोटरों के होने की बात कही थी, जिसके बाद उन्हें अपनी शिकायत एक शपथ पत्र के साथ चुनाव आयोग में दर्ज कराने के लिए कहा गया था।

आयोग ने राहुल गांधी से यह भी कहा है कि यदि वह अपने आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं दे पाते, तो उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए। दूसरी तरफ कांग्रेस तथा अन्य चुनाव आयोग से यह स्पष्टीकरण मांग रहे हैं कि जो आंकड़े राहुल गांधी ने पेश किये हैं वे सही हैं या नहीं, पहले चुनाव आयोग यह स्पष्ट करे।

बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन तहत मतदाता सूची में बदलाव को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि कागज़ात की कमी के चलते करोड़ों योग्य नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया है और चुनाव आयोग को उन 65 लाख नामों का ब्यौरा सार्वजनिक करने का आदेश दिया है जिन्हें मतदाता सूची से हटाया गया है।

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हो रही है जब कांग्रेस और राजद मिलकर 18 अगस्त से बिहार में वोट अधिकार यात्रा शुरू करने वाले हैं। यह यात्रा बिहार के करीब 25 जिलों से होकर गुजरेगी, जिसमें इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस यात्रा का मकसद लोगों को मतदान के अधिकार के बारे में जागरूक करना और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करना है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से उम्मीद है कि चुनाव आयोग इन सभी आरोपों और विवादों पर अपनी स्थिति साफ़ करेगा। वैसे वोट चोरी तथा हरियाणा के ईवीएम की सुप्रीम कोर्ट में गिनती के बाद चुनाव आयोग के सामने अनेक कड़वे सवाल पहले से ही खड़े हैं।