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बादल फटने के बाद पूरी पहाड़ ही नीचे सरकी

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आफत बना है मौसम

  • देर रात की आफत और राहत कार्य

  • सोशल मीडिया पर वायरल हुए भयावह मंजर

  • श्रद्धालुओं और व्यापारियों दोनों को परेशानी

राष्ट्रीय खबर

देहरादूनः उत्तराखंड की केदारघाटी में बीते शुक्रवार रात कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया, जब रुमसी गांव में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस प्राकृतिक आपदा ने कई घरों और वाहनों को मलबे के ढेर में बदल दिया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें फौरन मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य में जुट गईं।

इसके साथ ही, गौरीकुंड के समीप पहाड़ी दरकने से केदारनाथ धाम जाने वाला पैदल मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। सड़क पर विशाल मलबे और पत्थरों के ढेर ने आवाजाही को असंभव बना दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, प्रशासन ने रास्ता साफ होने तक इस मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

रात करीब 03:30 बजे गौरीकुंड के पास केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर पहाड़ी के दरकने से स्थिति और भी गंभीर हो गई। लोक निर्माण विभाग मार्ग को खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है, लेकिन लगातार बारिश और मलबे की विशाल मात्रा चुनौती बनी हुई है। रुद्रप्रयाग में बादल फटने के बाद की तस्वीरें विचलित करने वाली हैं, जहां कई घर मलबे में समा गए हैं। मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।

पूरे उत्तराखंड में इस समय भारी बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी, जिसमें कई जानें चली गई थीं। अब उत्तराखंड में भी ऐसी ही स्थिति पैदा हो गई है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है।

इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें पहाड़ों से बड़ी मात्रा में मलबा गिरता दिख रहा है और कई वाहन उसमें दब गए हैं। वीडियो में कई घरों को भी क्षतिग्रस्त होते देखा जा सकता है। हालांकि, अभी तक नुकसान का सटीक आकलन नहीं किया जा सका है, लेकिन स्थानीय लोग परेशान हैं। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की आशंका जताई है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

फिलहाल, गौरीकुंड के पास केदारनाथ धाम जाने वाला पैदल मार्ग पत्थरों और मलबे से भरा पड़ा है, जिससे रास्ता पूरी तरह बाधित है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है। एक तरफ मौसम की मार से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस आपदा से निपटने के लिए प्रशासन और बचाव दल लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन प्रकृति के आगे फिलहाल इंसान बेबस नजर आ रहा है।