Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Tech Growth Conclave 2026: इंदौर में बनेगा अत्याधुनिक आईटी पार्क, 40 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान दमोह के डॉ. अनिल चौधरी का अद्भुत संग्रह: 2500 साल पुरानी मुद्राओं और दुर्लभ सिक्कों का खजाना IMD Weather Forecast: अगले 6 दिनों तक दिल्ली में गर्मी का सितम, जानें आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम... MP High Court News: कोर्ट ने वकील की गलती पर दिया मानवीय दंड, कहा- अनाथालय जाकर बांटें खुशियां Indore Crime News: उर्मिला सैनी हत्याकांड, आरोपी पति ने बेटी को एटीएम देकर फरार होने का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद अब 'लैंड डील' पर सवाल, SIT के पास पहुंचे दस्तावेजों के नए सबूत Mumbai News: बोरिवली रेलवे स्टेशन पर घुटनों के बल बैठा युवक, वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल शराबबंदी पर पुलिस का प्रहार: वैशाली में दरोगा की करतूत, आर्मी जवान को बनाया निशाना सुप्रीम कोर्ट का सख्त एक्शन: पार्श्वनाथ डेवलपर्स के डायरेक्टरों के बैंक अकाउंट फ्रीज, जारी किया वारं... यूपी पंचायत चुनाव: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की सुनवाई टली

छह जिला अस्पतालों में बनेंगे मेडिकल कॉलेज

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिले झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार

  • अपने सोशल मीडिया खाता पर दी जानकारी

  • रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे इससे

  • राज्य के प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति

राष्ट्रीय खबर

रांचीः केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने झारखंड के स्वास्थ्य परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बुधवार को राज्य के छह जिला अस्पतालों को सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में बदलने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

यह घोषणा राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद अपने एक्स अकाउंट पर की। यह पहल राज्य में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच का विस्तार करने और चिकित्सा पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से की गई है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने केंद्रीय मंत्री नड्डा के समक्ष धनबाद, देवघर, खूंटी, गिरिडीह, जामताड़ा और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के सदर अस्पतालों को पूर्णतः कार्यात्मक मेडिकल कॉलेजों में बदलने का प्रस्ताव रखा था।

राज्य सरकार का मानना है कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से इन अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों में अपग्रेड करने से न केवल चिकित्सा शिक्षा के लिए सीटें बढ़ेंगी, बल्कि आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक आम जनता की पहुंच भी सुनिश्चित होगी। जारी एक बयान के अनुसार, चर्चा के दौरान उन्होंने परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन के लिए केंद्र से शीघ्र अनुमोदन और वित्तीय सहायता की वकालत की।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये मेडिकल कॉलेज न केवल स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में सुधार लाएंगे बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने प्रस्ताव के महत्व को स्वीकार करते हुए अपना पूर्ण समर्थन दिया और इसे सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी, जो झारखंड के लिए एक बड़ी जीत है।

बैठक के बाद अपनी एक्स पोस्ट में, मंत्री कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से, राज्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नए मुकाम हासिल करेगा और राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करेगा। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच समन्वय राज्य के विकास के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

वर्तमान में, झारखंड में देवघर में एम्स के एक क्षेत्रीय केंद्र के अलावा, छह राज्य सरकार द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज हैं। इसके अतिरिक्त, रांची और बोकारो में एक-एक मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना भी विचाराधीन है। इन छह नए पीपीपी मॉडल आधारित मेडिकल कॉलेजों के जुड़ने से राज्य में कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे मेडिकल छात्रों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और राज्य में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इस पहल के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, पीपीपी मॉडल से राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में दक्षता, नवाचार और निजी निवेश आने की उम्मीद है, जबकि शैक्षणिक घटक चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा कार्यबल की उपलब्धता के बीच की खाई को पाटने में मदद करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह कदम राज्य में समावेशी स्वास्थ्य सेवा और शैक्षिक विकास प्राप्त करने की दिशा में एक रणनीतिक और महत्वपूर्ण कदम है।