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NDA 150th Passing Out Parade: एनडीए की भव्य पासिंग आउट परेड संपन्न; 353 कैडेट्स बने अधिकारी, 18 महिला कैडेट्स ने रचा इतिहास

पुणे के खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में शनिवार को 150वीं पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन हुआ। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस परेड की समीक्षा की। इस गौरवशाली अवसर पर कुल 353 कैडेट्स स्नातक हुए, जिनमें 18 महिला कैडेट्स और 12 मित्र देशों के 24 विदेशी कैडेट्स शामिल थे। यह समारोह अकादमी के ऐतिहासिक खेतरपाल परेड ग्राउंड में संपन्न हुआ।

🛡️ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और बदलती सुरक्षा चुनौतियाँ

अपने संबोधन में सेना प्रमुख ने बदलते सुरक्षा वातावरण का जिक्र करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की सटीक सैन्य क्षमता और समन्वय का प्रमाण है। जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध केवल पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, इसलिए एनडीए में मिलने वाला त्रि-सेवा (Tri-service) प्रशिक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

📈 एक सफल अधिकारी के तीन सूत्र

भावी सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने एक सफल लीडर बनने के लिए तीन मुख्य गुण बताए:

  • एटीट्यूड (Attitude): व्यक्ति का आंतरिक आधार।

  • एडाप्टेबिलिटी (Adaptability): बदलती परिस्थितियों में स्थिर रहने की ताकत।

  • एबिलिटी (Ability): कठिन समय में सही निर्णय लेने और दूसरों का विश्वास जीतने की योग्यता।

⚔️ ‘युद्ध का कोई लिंग नहीं होता’

18 महिला कैडेट्स की भागीदारी पर गर्व व्यक्त करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, “आने वाले युद्धों में साहस, क्षमता और संकल्प का कोई लिंग नहीं होता। युद्ध हमेशा जेंडर न्यूट्रल होता है।” उन्होंने कहा कि महिला कैडेट्स ने प्रशिक्षण के हर मानक को बेहतरीन तरीके से पूरा किया है और वे किसी भी अन्य कैडेट से कम नहीं हैं।

🇮🇳 सेवा परमो धर्मः का संदेश

कार्यक्रम के समापन पर सेना प्रमुख ने कैडेट्स के परिवारों और प्रशिक्षकों के धैर्य व त्याग को नमन किया। उन्होंने नए अधिकारियों को ‘सेवा परमो धर्मः’ का मंत्र याद दिलाते हुए कहा कि राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का पालन करना ही एक सैनिक का सर्वोच्च धर्म है। आज की यह उपलब्धि केवल कैडेट्स की नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार के समर्पण का फल है।

क्या आप भारतीय सशस्त्र बलों की इस गौरवशाली परंपरा के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं?