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मुठभेड़ में एनएससीएन उग्रवादी ढेर, आईईडी जखीरा मिला

मणिपुर के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में उग्रवादी गतिविधि

राष्ट्रीय खबर

गुवाहाटीः अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में सुरक्षा बलों और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन) के एक गुट के उग्रवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक उग्रवादी मारा गया। यह घटना जिले के घने जंगल वाले तिस्सा पुलिस थाना क्षेत्र में हुई, जो भारत-म्यांमार सीमा के काफी करीब है। इस मुठभेड़ को सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, खासकर तब जब उन्होंने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए हैं।

लोंगडिंग जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डेकियो गुमजा ने बताया कि मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी और तलाशी अभियान चलाया, जिसमें मारे गए उग्रवादी का शव बरामद किया गया। यह ऑपरेशन गुप्त सूचना पर आधारित था जिसमें सात से आठ भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों की इलाके में मौजूदगी की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान शुरू किया।

सूत्रों के अनुसार, जैसे ही सुरक्षा बल उग्रवादियों के ठिकाने के करीब पहुंचे, उग्रवादियों ने उनकी मौजूदगी भांप ली और सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने तत्काल और प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में एक उग्रवादी मौके पर ही ढेर हो गया। हालांकि, शेष उग्रवादी घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। उनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान जारी है ताकि उन्हें पकड़ा जा सके और क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

मुठभेड़ स्थल से बरामदगी सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। तलाशी अभियान के दौरान, सुरक्षा बलों ने 15 किलोग्राम का एक बड़ा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया। इसके अलावा, 34 डेटोनेटर, दो .22 कैलिबर की पिस्तौल, दो मैगजीन और कुछ कैंप सामग्री भी मौके से जब्त की गई। इस आईईडी की बरामदगी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर विनाश या किसी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। यह बरामदगी क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों को बाधित करने में सुरक्षा बलों की सफलता को दर्शाती है।

यह घटना दर्शाती है कि अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में उग्रवादी समूह अभी भी सक्रिय हैं, और सुरक्षा बल लगातार इन खतरों का सामना कर रहे हैं। भारत-म्यांमार सीमा से निकटता इन क्षेत्रों को उग्रवादियों के लिए एक आसान पारगमन मार्ग बनाती है, जिससे उन्हें पड़ोसी देश में छिपने और भारत में अपनी गतिविधियों को अंजाम देने का अवसर मिलता है। हालांकि, सुरक्षा बलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ऐसे प्रयासों को लगातार विफल किया जा रहा है। इस सफल अभियान से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी और यह उग्रवादी समूहों को एक स्पष्ट संदेश देगा कि उनके नापाक मंसूबे सफल नहीं होंगे।