सांसद ने कहा अंदर ही बातचीत कर लेंगे
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने हाल ही में अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने शुक्रवार को यह स्पष्ट किया कि वे किसी भी सियासी मुद्दे पर सार्वजनिक टिप्पणी करने के पक्ष में नहीं हैं।
थरूर ने कहा कि अगर कोई मसला है, तो उस पर निजी तौर पर और उचित समय आने पर ही बात करेंगे। यह बयान उनके एक एक्स (पहले ट्विटर) पोस्ट के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने एक तस्वीर साझा की थी। इस तस्वीर में लिखा था, आपको उड़ने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। पंख आपके हैं और आसमान किसी का नहीं है। इस प्रेरक संदेश के साथ एक छोटी चिड़िया भी दिख रही थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शशि थरूर का यह पोस्ट कांग्रेस के भीतर चल रही आंतरिक चर्चाओं और संभावित मतभेदों की ओर स्पष्ट संकेत करता है। वे इन मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उछालने के बजाय पार्टी के भीतर ही सुलझाना चाहते हैं।
थरूर के इस रुख से यह भी संकेत मिलता है कि वे फिलहाल किसी भी तरह के खुले टकराव या तीखी बहस से बचना चाहते हैं, और इसके बजाय सामंजस्यपूर्ण तरीके से समाधान तलाशने के पक्ष में हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर उनकी भूमिका और हालिया गतिविधियों को लेकर कुछ असहजता देखी जा रही है।
हाल ही में, शशि थरूर ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के आतंकवाद-समर्थित चेहरे को बेनकाब करने के उद्देश्य से विदेश दौरे पर गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख थे। इस दौरे के दौरान, उन्हें कई मौकों पर केंद्र सरकार की तारीफ करते देखा गया, जिसने कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं को असहज कर दिया।
थरूर की इन टिप्पणियों को पार्टी लाइन से हटकर माना गया और कई कांग्रेस नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। इसी घटनाक्रम के बाद से यह पूरा विवाद उपजा है, जिसने थरूर के नवीनतम सोशल मीडिया पोस्ट को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। कुल मिलाकर, शशि थरूर का यह ‘एक्स’ पोस्ट और उस पर उनकी टिप्पणी, कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और संवाद की कमी को दर्शाती है।
थरूर, जो अपनी मुखरता और स्वतंत्र विचारों के लिए जाने जाते हैं, अब सार्वजनिक मंचों से हटकर पार्टी के आंतरिक तंत्र के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने की वकालत कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके इस रुख का पार्टी के भीतर उनके भविष्य और कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।