Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ... खान-खनिज संशोधन बिल के खिलाफ रांची में राजद-वाम दलों का साझा मोर्चा: आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली घेराव...

वेतन साढ़े नौ हजार और जीएसटी बकाया सात करोड़

सरकारी छापामार दल को देख कर हैरान हो गया श्रमिक

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः साढ़े नौ हजार रुपये मासिक वेतन और 7 करोड़ रुपया जीएसटी बकाया! हावड़ा के फैक्ट्री कर्मचारी के घर सरकारी छापेमारी से हड़कंप पेशे से फैक्ट्री कर्मचारी। महीने की आमदनी सिर्फ 9500 रुपया। लेकिन उस पर 7 करोड़ रुपया जीएसटी बकाया! जीएसटी अधिकारियों ने बकाया वसूली के लिए डोमजुरे में एक कर्मचारी के घर पर छापा मारा।

25 वर्षीय कार्तिक रुइदास पूरी घटना से सदमे में हैं। उन्होंने सोमवार को थाने में शिकायत की। डोमजुरे के खतोरा निवासी कार्तिक डोमजुरे में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जालान कॉम्प्लेक्स में एक फैक्ट्री में काम करते हैं। पिछले गुरुवार को जब कार्तिक फैक्ट्री में काम कर रहे थे, तभी उन्हें खबर मिली कि राज्य जीएसटी कार्यालय के छह सदस्यों की टीम ने उनके घर पर छापा मारा है।

घर से फोन आने पर वह डरने से ज्यादा हैरान हुए। फैक्ट्री जाने की बात कहने पर कार्तिक सुबह-सुबह साइकिल से घर के लिए निकल इतना ही नहीं, कार्तिक केडी एंटरप्राइजेज नामक एक कंपनी के मालिक हैं। वहां कार्तिक के बैंक खाते में हर महीने 36 करोड़ रुपये ट्रांसफर होते हैं। उन पर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का आरोप है।

कार्तिक ने आरोप लगाया कि किसी ने उनके नाम, पते, पैन कार्ड, आधार कार्ड और बिजली बिल की जानकारी का इस्तेमाल करके जीएसटी पोर्टल पर उनका नाम दर्ज कर दिया। कार्तिक के जर्जर घर और घर के सामने संकरी सड़क को देखकर जीएसटी अधिकारियों को लगा होगा कि कहीं कुछ गड़बड़ है। वे कार्तिक के गोदाम पर छापा मारने गए थे।

लेकिन यह एक जर्जर घर था! जांच करने के बाद जीएसटी अधिकारियों ने पाया कि जीएसटी पोर्टल पर दो मोबाइल नंबर फर्जी थे। कार्तिक का मोबाइल नंबर अलग था। संयोग से, कर्मचारी ने डोमजूर पुलिस स्टेशन और हावड़ा सिटी पुलिस के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इस बात की जांच की जा रही है कि इस घटना के पीछे कोई आपराधिक गिरोह तो नहीं है।

पड़ोसियों का कहना है कि कार्तिक को डेढ़ महीने पहले एक बच्चा हुआ था। उसकी पत्नी अभी भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। उधर, जीएसटी अधिकारियों के हमले के बाद पूरा परिवार दहशत में है। उसने अधिकारियों को बताया कि वह जालान कॉम्प्लेक्स में एक फैक्ट्री में मामूली वेतन पर काम करता है। दिन-भर गुजारा करता है। उसी मामूली कमाई से वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। उसने अपने जीवन में कभी कोई व्यवसाय नहीं किया है। न ही उसके पास ऐसा करने की क्षमता या हिम्मत है।