राजा रघुवंशी हत्याकांड में मंदिर की चर्चा से नाराजगी
-
मंदिर में वैदिक अनुष्ठान ही होते हैं
-
मानव बलि की कोई प्रथा यहां नहीं
-
हर बार कुछ लोग ऐसे आरोप लगाते हैं
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः असम के कामाख्या मंदिर प्रशासन ने इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर देवी कामाख्या से जुड़े मानव बलि के आरोप पर कड़ी आपत्ति जतायी है। मंदिर प्रशासन ने कहा कि राजा रघुवंशी का शव मेघालय में मिला था। मृतक के परिजनों ने कहा है कि हो सकता है कि सोनम ने किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने की इच्छा को पूरा करने के लिये कामाख्या मंदिर में दर्शन किये, फिर पति की बलि चढ़ा दी।
राजा रघुवंशी के कुछ रिश्तेदारों ने हाल ही में टीवी टॉक शो के दौरान कहा था कि उसकी पत्नी ने काला जादू किया था और उसे मानव बलि के लिए इस्तेमाल किया गया। मंदिर के कनिष्ठ पुजारी सरू डोलोई हिमाद्रि शर्मा ने कहा, हम इस तरह के बयानों की निंदा करते हैं। कामाख्या मंदिर में मानव बलि की कोई रस्म नहीं है। सदियों से कामाख्या मंदिर अपने वैदिक अनुष्ठानों के लिए जाना जाता है। यहां मानव बलि की कोई रस्म नहीं है। इस मामले के अलावा भी, जब भी कामाख्या मंदिर के आसपास कोई हत्या का मामला होता है, तो मंदिर में मानव बलि का मुद्दा उठाया जाता है।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी इस तरह के बेबुनियाद आरोपों से ऐतिहासिक कामाख्या मंदिर की छवि को धूमिल न करे। उन्होंने कहा, इस तरह के आरोपों से यहां के लोगों की भावनायें आहत हुई हैं, हर साल देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु कामाख्या मंदिर आते हैं।
इस तरह के आरोपों से मंदिर की छवि खराब होगी, जिसकी उम्मीद नहीं है। उन्होंने असम सरकार से सख्त नियम बनाने का आग्रह किया, ताकि कोई भी मंदिर के खिलाफ इस तरह के आरोप न लगा सके, जो देश के प्रतिष्ठित शक्ति पीठों में से एक है। गौरतलब है कि रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम की शादी 11 मई को हुयी थी और वे हनीमून ट्रिप पर गुवाहाटी और मेघालय गये थे।
वे 20 मई को मेघालय पहुंचे और 23 मई को मेघालय के सोहरा के नोंग्रियाट गांव में एक होमस्टे से दोनों लापता हो गये, जिसके बाद पुलिस ने दो जून को चेरापूंजी में एक झरने के पास एक घाटी से रघुवंशी का शव बरामद किया, जबकि सोनम लापता रही। बाद में, नौ जून को इंदौर और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने सोनम को गाजीपुर में एक ढाबे से हिरासत में लिया।
इसके अलावा, चार अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया। मेघालय पुलिस ने सोनम सहित सभी पांच संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित हत्या है और सोनम ने ही इस हत्या को अंजाम देने के लिए राजा रघुवंशी को पूर्वोत्तर में बहला-फुसलाकर बुलाया था।