बिहार के आगामी वि. सभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की चुनावी तैयारी
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तैयारी में इन जातिवर्ग का एक भी नहीं
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सच्चाई सामने आयी तो कलई खुलेगी
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मोदी जी बहुत जल्दी सरेंडर कर देते हैं
राष्ट्रीय खबर
राजगीरः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा एवं अल्पसंख्यकों को सावधान करते हुए आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र की राजग सरकार देश में असली जाति जनगणना नहीं कराएगी।
श्री गांधी ने शुक्रवार को यहां संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, केंद्र सरकार देश में असली जाति जनगणना नहीं कराएगी क्योंकि जिस दिन उन्होंने ऐसा किया उसी दिन उनकी राजनीति समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने जाति जनगणना के दो मॉडलों को उल्लेख करते हुए कहा कि एक मॉडल भाजपा का और दूसरा मॉडल तेलंगाना का है। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा के जाति जनगणना मॉडल के तहत अधिकारी बंद कमरे में बैठकर सवाल तैयार कर रहे हैं लेकिन सवाल तैयार करने वालों में दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज का एक भी व्यक्ति शामिल नहीं है।
वहीं, तेलंगाना में जाति जनगणना कराने के लिए जिन लोगों ने सवाल बनाए उनमें दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक संगठन, उनके नेता, पत्रकार और बुद्धिजीवियों को शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि जिस दिन देश में असली जाति जनगणना हुई उस दिन से एक्सरे की जरूरत समाप्त हो जाएगी और एमआरआई की तरह सब साफ पता चल जाएगा।
श्री गांधी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी पर हमला बोला और कहा, वह बहुत जल्दी सरेंडर (आत्मसमर्पण) कर देते हैं और यह उनकी आदत भी है। इसलिए, मुझे पता था कि जाति जनगणना को लेकर जिस दिन हमलोग थोड़ा दबाव डालेंगे वह सरेंडर कर देंगे और यही हुआ भी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से 11 बार कहा कि उन्होंने श्री मोदी से सरेंडर करवा लिया है। लेकिन, श्री मोदी ने सफाई देने की बजाय चुप्पी साध ली।
कांग्रेस सांसद ने बिहार की विधि-व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार का नाम लिए बगैर उन पर हमला बोला और कहा कि आजकल जापान, कोरिया, चीन और वियतनाम की बात होती है लेकिन उनका जो सोचने का आर्टिक्चेर है वह कहां से आया, यह बिहार से ही इन देशों में गया था।
लेकिन, बिहार की सरकार यह सब भूल गई और बिहार को क्राइम कैपिटल बना दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार में बदलाव चाहती है ताकि बिहार का पुराना गौरव उसे फिर से मिल जाए। श्री गांधी ने कहा कि राजनीति में वर्ष 2004 में आने के बाद से उन्हें धीरे-धीरे समझा में आने लगा कि जिसे हम भारत कहते हैं वहां कुल आबादी के 90 प्रतिशत की भागीदारी तो है ही नहीं।
वहीं, कानून बनाकर देश की बड़ी बड़ी कंपनियों के लाखों करोड़ रुपये माफ किये जा रहे हैं लेकिन इन कंपनियों में एक भी दलित नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि नौकरशाही में आरक्षण तो है लेकिन नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी नहीं है। केंद्रीय बजट को केवल 11 अधिकारियों ने तैयार किया लेकिन इनमें दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा समाज का कोई नहीं था।